April 17, 2026
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09 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की कृष्ण अष्टमी है। आज सूर्य और मंगल मकर राशि में होने से साहस बढ़ेगा, वहीं तुला राशि में चन्द्र देव मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखेंगे। कुंभ राशि में बुध, शुक्र और राहु का मेल बौद्धिक प्रगति के अवसर प्रदान करेगा।

 

आज वृद्धि योग होने से कार्यों में सफलता की अच्छी संभावना है। किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए दोपहर 12:13 से 12:58 तक का समय (अभिजीत मुहूर्त) सबसे उत्तम है। अपने कार्यों का सही संचालन करें, लेकिन राहुकाल के समय सावधानी रखें।

 

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: कृष्ण अष्टमी – पूर्ण रात्रि तक

योग: वृद्धि – रात्रि 12:52 बजे तक (10 फरवरी)

करण: बालव – सायं 06:12 बजे तक

करण: कौलव – पूर्ण रात्रि तक

 

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 07:04 बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06:07 बजे

चंद्रोदय का समय: रात्रि 01:19 बजे (10 फरवरी)

चंद्रास्त का समय: प्रातः 11:07 बजे

 

समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)

सूर्य देव: मकर राशि में स्थित हैं।

चन्द्र देव: तुला राशि में स्थित हैं।

मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं।

बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।

शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।

राहु देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।

केतु देव: सिंह राशि में स्थित हैं।

 

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक

अमृत काल: रात्रि 10:04

बजे से रात्रि 11:51 बजे तक

 

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 08:27 बजे से प्रातः 09:50 बजे तक

गुलिकाल: दोपहर 01:58 बजे से दोपहर 03:21 बजे तक

यमगण्ड: प्रातः 11:13 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक

 

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव विशाखा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

विशाखा नक्षत्र: पूर्ण रात्रि तक

सामान्य विशेषताएं: ईर्ष्यालु, क्रोधी, ईश्वर-भक्त, ईमानदार, महत्वाकांक्षी, योद्धा स्वभाव, धैर्यवान, हास्यप्रिय और मिलनसार

नक्षत्र स्वामी: बृहस्पति देव

राशि स्वामी: शुक्र देव, मंगल देव

देवता: इंद्राग्नि – यज्ञ के देवता

प्रतीक: विजय का मेहराब या कुम्हार का चाक

 

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