संदिग्ध परिस्थितियों में आगरा पुलिस के दरोगा की मौत, शव यमुना में मिला, हत्या या आत्महत्या? जांच जारी

उत्तर प्रदेश के आगरा पुलिस कमिश्नरेट में तैनात एक सब इंस्पेक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। दरोगा जीतेंद्र, जो जालौन जिले के उरई के रहने वाले थे, छुट्टी पर घर आए थे और इसके बाद लापता हो गए थे। आठ दिन बाद रविवार को उनका शव कालपी के पास यमुना नदी में मिला। शव की पहचान उनके फोन, पर्स और पैनकार्ड के आधार पर की गई, लेकिन शव के ऊपर के हिस्से का कोई निशान नहीं था, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह आत्महत्या थी या फिर कोई साजिश?

पुलिस के मुताबिक, दरोगा जीतेंद्र छुट्टी लेकर घर आए थे और उन्होंने घर से स्टेडियम जाने का कहकर बाहर निकला था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और वह वापस घर नहीं लौटे। उनके लापता होने की रिपोर्ट उनके भाई सुनील द्वारा पुलिस में दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज किया था।

रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि कालपी कोतवाली क्षेत्र के रायढ दियारा के पास एक शव मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को देखा और उनके पहचान के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दरोगा की मौत आत्महत्या के कारण हुई या फिर इसके पीछे कोई और कारण है।

इस मामले ने अब कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और उनके परिवारवालों के लिए यह जानना बेहद अहम है कि दरोगा ने ऐसा कदम क्यों उठाया और क्या यह किसी गहरे मामले का हिस्सा था। मामले की पूरी जांच की जा रही है, जिसमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान अहम होंगे।

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