लोहिया संस्थान में अत्याधुनिक साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला का शुभारंभ, अब 1,980 रुपये में होगी क्रोमोसोमल जांच

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में चिकित्सा सुविधाओं और आधुनिक अनुसंधान को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्थान के अकादमिक ब्लॉक स्थित शरीर रचना विज्ञान विभाग में अत्याधुनिक साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह ने किया। इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। इस नई प्रयोगशाला के शुरू होने से अब मरीजों को आधुनिक आनुवंशिक जांच की सुविधा संस्थान में ही उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल जटिल बीमारियों के सटीक निदान में मदद मिलेगी, बल्कि मरीजों को दूसरे चिकित्सा केंद्रों पर जाने की निर्भरता से भी राहत मिलेगी।

आधुनिक चिकित्सा में आनुवंशिक जांच की भूमिका अहम: निदेशक

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में आनुवंशिक परीक्षणों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। कई जटिल बीमारियों की पहचान और उनके बेहतर उपचार की योजना तैयार करने में जेनेटिक जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि संस्थान में अत्याधुनिक साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला की स्थापना से रोगी सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इस सुविधा के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण जांच कम लागत पर उपलब्ध हो सकेगी और उन्हें जांच के लिए अन्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कई विभागों को मिलेगी उन्नत जांच की सुविधा

शरीर रचना विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं डीन डॉ. राजन भटनागर ने बताया कि आज जेनेटिक परीक्षण विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में रोगों के निदान का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। नई प्रयोगशाला से प्रसूति एवं स्त्री रोग, शिशु रोग, मेडिसिन, एंडोक्राइनोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और रिप्रोडक्टिव मेडिसिन सहित कई विभागों को विशेष लाभ मिलेगा। इसके माध्यम से क्रोमोसोमल असामान्यताओं, जन्मजात विकारों, बच्चों में विकासात्मक विलंब, बार-बार गर्भपात, बांझपन तथा विभिन्न आनुवंशिक सिंड्रोम की पहचान और जांच में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इससे चिकित्सकों को बीमारी की सही प्रकृति समझने और मरीजों के लिए प्रभावी उपचार योजना तैयार करने में मदद मिलेगी।

बाहर 5 हजार तक खर्च, संस्थान में मात्र 1,980 रुपये में होगी जांच

प्रयोगशाला की शुरुआत के साथ ही संस्थान में रक्त एवं अस्थि मज्जा की कैरियोटाइपिंग जांच की सुविधा भी प्रारंभ कर दी गई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी किफायती दर है। संस्थान में यह जांच मात्र 1,980 रुपये में उपलब्ध होगी, जबकि बाहर निजी एवं अन्य जांच केंद्रों पर इसके लिए सामान्यतः 4,500 से 5,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। इस प्रकार मरीजों को जांच पर अच्छी-खासी आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही संस्थान में ही जांच की सुविधा उपलब्ध होने से समय पर रिपोर्ट प्राप्त करने और बीमारी का सटीक निदान करने में भी मदद मिलेगी।

मरीजों को समयबद्ध और किफायती जांच उपलब्ध कराना प्राथमिकता

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि यह प्रयोगशाला मरीजों को समयबद्ध और किफायती जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं, कार्यकारी कुल सचिव डॉ. सुब्रतचंद्र ने संस्थान में अनुसंधान और उन्नत डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत बनाने में इस प्रयोगशाला की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार संस्थान की चिकित्सा सेवाओं और शोध कार्यों को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को भी मिलेगा लाभ

एसोसिएट डीन डॉ. नवबीर पसरीचा ने कहा कि नई प्रयोगशाला विद्यार्थियों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए आधुनिक जेनेटिक तकनीकों के अध्ययन एवं अनुसंधान का उत्कृष्ट मंच साबित होगी। इससे चिकित्सा शिक्षा और शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा संस्थान को उन्नत आनुवंशिक निदान सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

वहीं साइटोजेनेटिक्स प्रयोगशाला की स्थापना चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और शिक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खासतौर पर कम कीमत पर क्रोमोसोमल जांच की सुविधा शुरू होने से आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और संस्थान में उन्नत आनुवंशिक जांच सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा।

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