शिवा शर्मा हत्याकांड: मौत की गुत्थी सुलझाएगा क्राइम सीन रिक्रिएशन, हत्या या आत्महत्या की जांच में जुटी पुलिस

लखनऊ। करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब क्राइम सीन रिक्रिएशन का सहारा लेगी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से घटनास्थल की परिस्थितियों को दोबारा तैयार कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि शिवा को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से फेंका गया था या वह खुद नीचे कूदा था। पुलिस इस प्रक्रिया के जरिए गिरने की दिशा, दूरी, शरीर पर चोटों के संभावित पैटर्न और घटनास्थल पर मौजूद भौतिक साक्ष्यों का विश्लेषण करेगी। इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों का मिलान पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, आरोपियों के बयानों और मृतक की मां की ओर से लगाए गए आरोपों से किया जाएगा। पुलिस फिलहाल मामले में पांच लोगों से पूछताछ कर रही है और उसका कहना है कि जांच अभी हत्या के पहलू को ध्यान में रखकर की जा रही है।

वहीं इस मामले में शिवा की मां रंजना की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, दोस्त आदिल, चालक और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद 20 अक्टूबर को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और आईपीडीआर के विश्लेषण के आधार पर तीनों आरोपियों को नागपुर स्थित एक अपार्टमेंट के फ्लैट से गिरफ्तार किया था।

डीसीपी अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, मृतक की मां ने आरोपियों पर हत्या करने का आरोप लगाया है, जबकि श्रद्धा, रश्मि और दानिश का कहना है कि शिवा शर्मा ने खुद फ्लैट से छलांग लगाई थी। दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास को देखते हुए पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की तैयारी कर रही है।

घटनास्थल पर दोहराई जाएंगी परिस्थितियां, गिरने की दिशा और चोटों के पैटर्न की होगी जांच

क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान फॉरेंसिक टीम यह समझने का प्रयास करेगी कि जिस स्थान पर शिवा का शव मिला था, वहां चौथी मंजिल से गिरने की स्थिति में शरीर किस दिशा में और कितनी दूरी पर पहुंच सकता है। विशेषज्ञ यह भी जांचेंगे कि किसी व्यक्ति को धक्का देकर या जबरन नीचे गिराए जाने की स्थिति में उसके गिरने का कोण और संभावित स्थान क्या हो सकता है। इसके विपरीत, खुद छलांग लगाने की स्थिति में शरीर की गति, गिरने की दिशा और जमीन से टकराने का तरीका क्या हो सकता है। इन संभावनाओं के आधार पर चोटों के स्वरूप का अध्ययन किया जाएगा। घटनास्थल की ऊंचाई, रेलिंग की स्थिति, आसपास मौजूद निशान और संघर्ष से जुड़े संभावित भौतिक साक्ष्य भी जांच का हिस्सा होंगे। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य आरोपियों के दावों और मां की शिकायत में से किस पहलू को समर्थन देते हैं।

फॉरेंसिक साक्ष्यों से परखी जाएगी घटना की थ्योरी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट होगी अहम

फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, ऊंचाई से गिरने के मामलों में केवल शरीर के मिलने की जगह के आधार पर हत्या या आत्महत्या का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। गिरने की दूरी, शरीर की स्थिति, चोटों का वितरण, घटनास्थल की बनावट और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों का एक साथ विश्लेषण करना जरूरी होता है। यदि घटना से पहले हाथापाई या संघर्ष हुआ हो, तो शरीर पर खरोंच अथवा अन्य चोटें मिल सकती हैं, हालांकि ऐसी चोटों की मौजूदगी या अनुपस्थिति अपने आप में निर्णायक प्रमाण नहीं होती।

इसी तरह, शरीर के जमीन से टकराने के पैटर्न का अध्ययन भी अन्य साक्ष्यों के साथ ही किया जाता है। शिवा शर्मा के मामले में क्राइम सीन रिक्रिएशन से प्राप्त निष्कर्षों का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मिलान किया जाएगा। पुलिस फॉरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट और विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी और साक्ष्यों के अनुरूप चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी करेगी।

जरूरत पड़ने पर आरोपियों की रिमांड ले सकती है पुलिस, अदालत ने खारिज की जमानत अर्जी

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है। क्राइम सीन रिक्रिएशन में आरोपियों और प्रत्यक्षदर्शियों को शामिल करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि घटनाक्रम से जुड़े बयानों और मौके की परिस्थितियों का मिलान किया जा सके। इस बीच, तीनों आरोपियों की ओर से सीजीएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।

वहीं शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र यही है कि शिवा की मौत चौथी मंजिल से गिरने के किन हालात में हुई और उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य इस मामले में हत्या या आत्महत्या के किस पहलू को पुष्ट करते हैं।

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