डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन पर स्थापित हुई भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा: नारी शक्ति के हाथों में स्टेशन की कमान, करुणा और मैत्री का संदेश

लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने यात्री सुविधाओं के उन्नयन, रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन में गोरखपुर परिक्षेत्र के महत्वपूर्ण डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन पर ध्यान मुद्रा में विराजमान भगवान महात्मा बुद्ध की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के साथ आकर्षक फव्वारे और रंगीन प्रकाश व्यवस्था की गई है, जिससे स्टेशन का परिसर सुंदर और आकर्षक दिखाई दे रहा है। यह पहल न केवल स्टेशन की सुंदरता में चार चांद लगा रही है, बल्कि यहां आने-जाने वाले यात्रियों को भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मैत्री के संदेश से भी जोड़ रही है। रेलवे की इस पहल की यात्रियों द्वारा सराहना की जा रही है।

डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन की एक और खास पहचान यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला रेलकर्मियों द्वारा किया जा रहा है। स्टेशन अधीक्षक से लेकर टिकट आरक्षण, उद्घोषणा, सुरक्षा और परिचालन तक की विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन महिला कर्मचारी कुशलतापूर्वक कर रही हैं। महिला रेलकर्मियों की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व भारतीय रेल में नारी शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनके प्रयासों से स्टेशन पर स्वच्छता, सुरक्षा, यात्री सेवाओं और अनुशासन को बेहतर बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल की जा रही है। इस प्रकार डोमिनगढ़ स्टेशन न केवल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का केंद्र बन रहा है, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता को भी प्रदर्शित कर रहा है।

विरासत को सम्मान और नारी शक्ति को प्रणाम का संगम

मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने कहा कि डोमिनगढ़ स्टेशन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना और स्टेशन का महिला कर्मचारियों द्वारा संचालन भारतीय रेल की दो महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं ‘विरासत को सम्मान’ और ‘नारी शक्ति को प्रणाम’ को एक साथ प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि स्टेशनों को स्थानीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और आधुनिक यात्री सुविधाओं से जोड़ना भी है। इसी सोच के अनुरूप लखनऊ मंडल भविष्य में भी स्टेशनों के सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।

बौद्ध सर्किट के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में डोमिनगढ़ स्टेशन का महत्व

गोरखपुर के समीप स्थित डोमिनगढ़ रेलवे स्टेशन बौद्ध सर्किट की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह क्षेत्र के प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उपयोगी रेल संपर्क उपलब्ध कराता है। कुशीनगर, लुम्बिनी, श्रावस्ती और कपिलवस्तु जैसे महत्वपूर्ण बौद्ध स्थलों की यात्रा के लिए गोरखपुर पहुंचने वाले देशी-विदेशी पर्यटक एवं श्रद्धालु इस क्षेत्र से होकर अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर और उनकी जन्मस्थली लुम्बिनी सहित अन्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में डोमिनगढ़ स्टेशन पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा की स्थापना से स्टेशन की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलने के साथ ही बौद्ध विरासत के प्रति सम्मान का संदेश भी प्रसारित होगा। रेलवे की यह पहल आध्यात्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने और यात्रियों को बेहतर, सुंदर एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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