May 26, 2026

India–USA Relations: बदले सुर, बदला रुख—वॉशिंगटन से दिल्ली तक दोस्ती की नई पटकथा

भारत के सख्त रुख ने बदला अमेरिका का मिजाज

भारत और अमेरिका के रिश्ते बीते कुछ महीनों में उतार–चढ़ाव से गुजरे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान और सीजफायर को लेकर दिए गए बयानों से दोनों देशों के संबंधों में तल्खी आई थी। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अपने रुख पर अडिग रही, जिसका असर अब वॉशिंगटन के बदले हुए तेवरों में साफ नजर आ रहा है।

ट्रेड डील पर बयानबाजी और भारत का कड़ा जवाब

अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बयान के बाद भारत ने साफ किया कि पीएम मोदी और ट्रंप के बीच 2025 में आठ बार बातचीत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ट्रेड डील पर चर्चा लंबे समय से चल रही है और कई मौकों पर समझौता लगभग तय हो गया था।

व्हाइट हाउस में अश्विनी वैष्णव की अहम बैठक

भारत के सख्त रुख के बाद अमेरिका ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया। व्हाइट हाउस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की माइकल क्रैट्सियोस के साथ मुलाकात हुई, जिसमें एआई इम्पैक्ट समिट और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई।

दिल्ली में ट्रंप के करीबी दूत की सक्रियता

नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत को अमेरिका का सबसे अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत–अमेरिका रिश्ते सिर्फ साझा हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उच्चतम स्तर की दोस्ती पर आधारित हैं।

अमेरिका को बदलना पड़ा अपना फैसला

चीन के प्रभाव को रोकने के लिए शुरू की गई वैश्विक सप्लाई चेन पहल से भारत को बाहर रखने के फैसले पर अमेरिका को बाद में यू-टर्न लेना पड़ा। भारत की कूटनीतिक चाल के बाद वॉशिंगटन को अपना रुख बदलना पड़ा।

ट्रेड डील पर आज निर्णायक बातचीत

दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर आज अहम बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि बदले हुए माहौल में यह बातचीत भारत–अमेरिका रिश्तों को नई दिशा दे सकती है।

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