कर्नाटक: जानलेवा हमले के बाद BJP विधायक जनार्दन रेड्डी ने मांगी Z-श्रेणी सुरक्षा, CM सिद्धारमैया और अमित शाह को लिखा पत्र
बल्लारी में हुए हिंसक घटनाक्रम को साजिश बताते हुए जनार्दन रेड्डी ने कांग्रेस विधायक, उनके समर्थकों और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कहा— मेरी और परिवार की जान को लगातार खतरा
कर्नाटक के बल्लारी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक जी जनार्दन रेड्डी ने अपने ऊपर हुए कथित जानलेवा हमले के बाद तुरंत Z-श्रेणी की सुरक्षा की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अलग-अलग पत्र लिखे हैं। अपने पत्रों में रेड्डी ने आरोप लगाया है कि नए साल के दिन उनके आवास पर हुई हिंसा कोई सामान्य राजनीतिक विवाद नहीं थी, बल्कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके समर्थकों की ओर से पहले से योजनाबद्ध और सिस्टमैटिक हमला था। उन्होंने दावा किया कि इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है।
जनार्दन रेड्डी ने अपने पत्र में 1 जनवरी को वाल्मीकि प्रतिमा के अनावरण से पहले बैनर लगाने को लेकर शुरू हुए विवाद का विस्तार से जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे कांग्रेस विधायक भरत रेड्डी के समर्थकों ने उनके आवास के भीतर जबरन बैनर लगाने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वहां से हटाया गया, लेकिन इसके बावजूद तनाव खत्म नहीं हुआ। रेड्डी के अनुसार, शाम होते-होते स्थिति और अधिक गंभीर हो गई और हिंसा ने सुनियोजित रूप ले लिया।
बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि शाम करीब 5:30 बजे भरत रेड्डी के करीबी सहयोगी सतीश रेड्डी 40 से 50 हथियारबंद लोगों के साथ उनके परिसर में घुस आए। इन लोगों के पास लाठियां, पत्थर, बोतलें और अन्य घातक हथियार थे। रेड्डी का दावा है कि ये लोग खुलेआम धमकियां दे रहे थे, जबकि मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि जब वह गंगावती से लौटकर शाम करीब 7 बजे अपने आवास पहुंचे, तब हालात और बिगड़ गए और हिंसा तेज हो गई।
जनार्दन रेड्डी ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के इशारे पर सतीश रेड्डी और उसके साथियों ने सीधा हमला किया। इस दौरान एक निजी बंदूकधारी ने उनके घर और उनकी ओर निशाना साधते हुए करीब आठ राउंड फायरिंग की। रेड्डी के मुताबिक, “भगवान की कृपा से मैं बाल-बाल बच गया, लेकिन यह साफ तौर पर मेरी हत्या की कोशिश थी।” उन्होंने स्थानीय पुलिस पर स्थिति को नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप भी लगाया।
घटना के आगे के क्रम का जिक्र करते हुए रेड्डी ने लिखा कि रात करीब 9 बजे भरत रेड्डी सैकड़ों समर्थकों के साथ एसपी सर्कल के पास पहुंचे, जिनके पास लाठियां, पत्थर और पेट्रोल बम तक थे। उन्होंने इसे ‘आतंक-शैली का हमला’ करार दिया। इस हिंसा के दौरान कथित तौर पर राजा शेखर नामक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस, हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
अपने पत्र के अंत में जनार्दन रेड्डी ने इसे कर्नाटक में ‘जंगल राज’ का उदाहरण बताया और मांग की कि उन्हें और उनके परिवार को तुरंत Z-श्रेणी या उसके समकक्ष उच्चस्तरीय सुरक्षा दी जाए। साथ ही उन्होंने भरत रेड्डी, सतीश रेड्डी और उनके साथियों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। रेड्डी ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा की कमी के चलते उन्हें या उनके परिवार को कोई और नुकसान होता है, तो इसके लिए राज्य सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी।
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