न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के ऐलान के साथ ही कई अहम नामों की वापसी हुई है। शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर एक बार फिर टीम इंडिया की वनडे स्कीम का हिस्सा बने हैं, जबकि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की भी टीम में वापसी हुई है। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा हार्दिक पंड्या के नाम को लेकर रही, जिन्हें इस सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं मिली। खास बात यह है कि हार्दिक न सिर्फ फिट हैं, बल्कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान शतक भी जड़ा है, जिससे यह सवाल और गहरा हो गया कि आखिर उन्हें बाहर क्यों रखा गया।
दरअसल, टीम चयन को लेकर यह साफ हुआ है कि भारतीय टीम प्रबंधन हार्दिक पंड्या को वनडे टीम में शामिल करना चाहता था। हार्दिक का अनुभव, ऑलराउंड क्षमता और बड़े मैचों में उनका प्रभाव किसी से छिपा नहीं है। न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी मौजूदगी टीम इंडिया को संतुलन दे सकती थी। हालांकि, अंतिम फैसले में बीसीसीआई ने एहतियात बरतते हुए उन्हें इस सीरीज से दूर रखने का निर्णय लिया।
बीसीसीआई ने टीम के ऐलान के बाद इस मुद्दे पर स्थिति साफ करते हुए बताया कि हार्दिक पंड्या को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से एक मैच में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने की अनुमति नहीं मिली है। वनडे क्रिकेट में एक ऑलराउंडर से न सिर्फ बल्लेबाजी बल्कि पूरे कोटे की गेंदबाजी की भी उम्मीद की जाती है। चूंकि हार्दिक को फिलहाल 10 ओवर डालने की मंजूरी नहीं है, इसलिए चयनकर्ताओं ने उन्हें जोखिम में डालने के बजाय टीम से बाहर रखने का फैसला किया।
बीसीसीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया कि हार्दिक पंड्या के वर्कलोड को ध्यान में रखा जा रहा है। बोर्ड ने बताया कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप को देखते हुए उनकी फिटनेस और लोड मैनेजमेंट पर खास फोकस किया जा रहा है। हाल के वर्षों में हार्दिक चोटों से जूझते रहे हैं और बोर्ड नहीं चाहता कि वनडे सीरीज के दौरान उन पर अतिरिक्त दबाव पड़े, जिससे भविष्य के बड़े टूर्नामेंट्स पर असर पड़े।
गौरतलब है कि विजय हजारे ट्रॉफी में शतक लगाने के बाद यह माना जा रहा था कि हार्दिक पूरी तरह फिट हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं। हालांकि, बीसीसीआई का रुख साफ है कि फिटनेस सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं होती, बल्कि गेंदबाजी की निरंतरता और शारीरिक क्षमता भी उतनी ही अहम है। ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से हार्दिक पंड्या को बाहर रखना एक रणनीतिक और एहतियाती फैसला माना जा रहा है, ताकि वह आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में पूरी तरह फिट और प्रभावी भूमिका निभा सकें।
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