May 1, 2026

 अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के बावजूद इजराइल ने किए क्लस्टर बमों का इस्तेमाल, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

 दक्षिण लेबनान में मिले दो तरह के प्रतिबंधित हथियारों के अवशेष; विशेषज्ञों ने पुष्टि की—ये वही बम हैं जो दशकों तक मौत बनकर जमीन में दबे रहते हैं

इजराइल और लेबनान के बीच 13 महीने तक चले संघर्ष पर आई एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। द गार्जियन की व्यापक जांच में सामने आया है कि इजराइल ने इस युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया। युद्ध से तबाह हुए दक्षिण लेबनान के गांवों से मिली तस्वीरों और विस्फोटक अवशेषों की जांच करने के बाद हथियार विशेषज्ञों ने इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट बताती है कि इन खतरनाक हथियारों ने लेबनान के बड़े भूभाग को खंडहर में बदल दिया और हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए।

जांच में पाया गया कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में दो प्रकार के क्लस्टर हथियारों के अवशेष मिले—155mm M999 ‘बराक एतान’ शेल और 227mm ‘राअम एतान’ गाइडेड मिसाइल। बराक एतान में 9 सबम्यूनिशन होते हैं, जो विस्फोट होने पर 1,200 टंगस्टन के घातक टुकड़ों में बदल जाते हैं। दूसरी ओर, राअम एतान मिसाइल में 64 छोटे बम होने का दावा है, जो हवा में फैलकर बड़े क्षेत्र को तबाह करने की क्षमता रखते हैं। यह खुलासा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इजराइल ने लगभग 20 साल बाद एक बार फिर ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया है।

क्लस्टर बमों को दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों में माना जाता है। हवा में खुलते ही इनमें मौजूद दर्जनों सबम्यूनिशन बड़ी दूरी में फैल जाते हैं, और भयावह तबाही मचाते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि करीब 40% सबम्यूनिशन तुरंत नहीं फटते—वे दशकों तक जमीन में दबे रहते हैं और कभी भी विस्फोट कर सकते हैं। ऐसे बम किसान, बच्चों और आम नागरिकों के लिए लंबे समय तक मौत का जाल बने रहते हैं। यही कारण है कि 124 देशों ने इन हथियारों को प्रतिबंधित कर दिया है, हालांकि इजराइल इस वैश्विक संधि का हिस्सा नहीं है।

इजराइली सेना ने इस रिपोर्ट पर आधिकारिक रूप से न पुष्टि की और न ही खंडन, लेकिन यह जरूर कहा कि वे केवल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध हथियारों का ही इस्तेमाल करते हैं और नागरिकों को नुकसान से बचाने की कोशिश करते हैं। बावजूद इसके, दक्षिण लेबनान में मिले अवशेष इस आधिकारिक बयान के विपरीत एक भयावह तस्वीर पेश करते हैं।

यह खुलासा लेबनान के लोगों के पुराने जख्म भी हरा कर देता है। 2006 के युद्ध में इजराइल ने लेबनान पर लगभग 40 लाख क्लस्टर बम गिराए थे, जिनमें से करीब 10 लाख बम उस समय नहीं फटे थे। बीते लगभग 19 वर्षों में इन अनफटे बमों के कारण 400 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। अब नए सबूत मिलने के बाद वहां के लोगों में दहशत और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल और कई मानवाधिकार समूहों का कहना है कि क्लस्टर बमों का “जिम्मेदार उपयोग” जैसी कोई अवधारणा हो ही नहीं सकती—ये हमेशा नागरिकों को मारते हैं, चाहे युद्धकाल में हों या दशकों बाद।

रिपोर्ट के ताजा खुलासे ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद को जन्म दिया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि युद्ध के वर्षों बाद भी इन हथियारों का खतरा खत्म नहीं होता। लेबनान के लिए यह संकट केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज भी जारी एक जीवन-मृत्यु का संघर्ष है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!