स्टेट डिनर में साथ दिखे दोनों; मस्क ने नई पार्टी का प्लान छोड़ा, 2026 मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन को फंडिंग देने का ऐलान—पर दरअसल किस समझौते ने बदला पूरा खेल?
अमेरिका की हाई-प्रोफाइल राजनीतिक और कारोबारी लड़ाई में अप्रत्याशित मोड़ आ गया है। 6 महीने पहले तक एक-दूसरे पर खुलकर वार करने वाले डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला-X के मालिक एलन मस्क अब फिर साथ नजर आ रहे हैं। वॉशिंगटन में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सम्मान में हुए स्टेट डिनर में दोनों की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी। मस्क न सिर्फ ट्रंप कैंप में लौट आए, बल्कि उन्होंने साफ कर दिया कि वे 2026 मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को फंडिंग भी देंगे। ऐसे में बड़ा सवाल है—आखिर छह महीने में ऐसा क्या हुआ कि मस्क का रुख पूरी तरह पलट गया?
ट्रंप और मस्क के बीच टकराव मई–जून 2025 में चरम पर था। ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर विवाद बढ़ा तो Tesla और SpaceX को मिलने वाली सरकारी सहायता रोक दी जाएगी। जवाब में मस्क ने दावा किया कि ट्रंप जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज छिपा रहे हैं। मामला इतना बिगड़ा कि मस्क ने “अमेरिका पार्टी” नाम की नई राजनीतिक पार्टी बनाने की धमकी दे दी, जिससे रिपब्लिकन वोट सीधे कट सकते थे। मस्क की नाराजगी मुख्य रूप से दो मुद्दों से थी—ट्रंप का Big Beautiful Bill, जिसमें उन्हें सरकारी खर्च बढ़ता दिखा, और NASA प्रमुख के लिए उनके करीबी जैरेड आइजैकमैन का नाम वापस लिया जाना।
लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं, और इसके पीछे है महीनों चली शांत कूटनीति। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि ट्रंप कैंप ने विवाद के बाद महीनों तक इंतजार किया और फिर बैक-चैनल बातचीत शुरू की। दोनों की पहली सीधी मुलाकात सितंबर में एरिजोना में एक अंतिम संस्कार के दौरान हुई, जहां से रिश्तों की बर्फ धीरे-धीरे पिघलनी शुरू हुई। इस वार्म-अप को आगे बढ़ाया ट्रंप प्रशासन के अहम चेहरों—उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स ने। दोनों ने मस्क को भरोसा दिलाया कि वे व्हाइट हाउस की नीति-निर्माण प्रक्रिया में सीधी भागीदारी रख सकते हैं और उनकी राय को प्राथमिकता दी जाएगी।
सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब नए पर्सनल डायरेक्टर डैन स्काविनो ने NASA प्रमुख के विवाद को सुलझा दिया और जैरेड आइजैकमैन को फिर से नामित कर दिया। यह वही फैसला था जिसने मस्क की सबसे बड़ी नाराजगी खत्म की और संबंधों को तेजी से पटरी पर ला दिया। पुराने समीकरण भी काम आए—मस्क पहले भी रिपब्लिकन कैंपेन में 290 मिलियन डॉलर का भारी योगदान दे चुके हैं और राजनीति में उनकी बढ़ती दिलचस्पी किसी से छिपी नहीं।
वॉशिंगटन दौरे पर आए सऊदी क्राउन प्रिंस के कार्यक्रम में मस्क की मौजूदगी भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर इसलिए क्योंकि उनकी कंपनी xAI ने सऊदी की HUMAIN AI फर्म के साथ 500 MW डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय तकनीकी नेटवर्क में मस्क की पकड़ और भी मजबूत करेगा।
ट्रंप–मस्क की इस नई दोस्ती के कई राजनीतिक और कारोबारी प्रभाव देखने को मिलेंगे। इतना तय है कि 2026 के चुनावों से पहले यह गठजोड़ रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी राजनीति के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
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