April 18, 2026

ढाका: सोशल मीडिया पर शेख हसीना की मौत की अफवाह से मचा हड़कंप, आवामी लीग ने बताया साजिश

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना के निधन या गंभीर रूप से बीमार होने की अफवाह ने देशभर में सनसनी मचा दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—फेसबुक, यूट्यूब और कई ऑनलाइन चैनलों पर उनकी मौत से जुड़े पोस्ट, फोटो कार्ड और संवेदना संदेश वायरल हो रहे हैं। इन पोस्टों में दावा किया गया कि हसीना की तबीयत बेहद नाज़ुक है या उनका निधन हो चुका है। हालांकि, आवामी लीग ने इन सभी खबरों को पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित षड्यंत्र बताया है।

पार्टी नेताओं के अनुसार, जिस समय ये अफवाहें फैल रही थीं, उस वक्त शेख हसीना खुद एक राजनीतिक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं। पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सब देश की स्थिरता और हसीना की राजनीतिक साख को कमजोर करने की कोशिश है। आवामी लीग ने सोशल मीडिया पर फैल रहे संवेदना संदेशों और नकली पोस्टरों को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है।

अफवाह की शुरुआत की जांच में पता चला कि इसकी जड़ एक फेसबुक अकाउंट “Tulip Rizwana Siddique” से हुई थी, जो खुद को ब्रिटिश सांसद और शेख हसीना की भतीजी तुलीप सिद्दीकी बताती है। इस अकाउंट से 25 अक्टूबर को एक पोस्ट किया गया — “आंटी थोड़ी बीमार हैं, सभी दुआ करें” — जिसके कुछ घंटों बाद पोस्ट गायब कर दी गई। लेकिन इसी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर शेख हसीना की तबीयत को लेकर भ्रम फैलने लगा। बाद में जांच में सामने आया कि तुलीप सिद्दीकी का आधिकारिक फेसबुक पेज ही मौजूद नहीं है; उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर केवल Instagram और X (Twitter) अकाउंट का उल्लेख है।

फर्जी खबरों की श्रृंखला यहीं नहीं रुकी। कुछ यूजर्स ने आवामी लीग के नाम से जारी एक संवेदना संदेश तक वायरल कर दिया, जिस पर महासचिव ओबैदुल कादर के हस्ताक्षर दिखाए गए थे। यहां तक कि सोशल मीडिया पर यह झूठ तक फैल गया कि शेख हसीना का अंतिम संस्कार दिल्ली की जामा मस्जिद में होगा और ढाका में विशेष प्रार्थना सभा रखी गई है। हालांकि, थोड़ी ही देर बाद आवामी लीग ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने साथ ही हसीना का एक ऑडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें वे कहती सुनी गईं— “मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं, मुझे अपने देश को बचाना है।” हालांकि इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आवामी लीग ने कहा कि यह “राज्य-प्रायोजित दुष्प्रचार अभियान” है, जिसके पीछे वे शक्तियां हैं जो बांग्लादेश की राजनीति में अस्थिरता लाना चाहती हैं। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष हसीना की लोकप्रियता और उनके समर्थकों के संगठनात्मक बल से घबराया हुआ है। उस समय जब यह अफवाह फैल रही थी, शेख हसीना झलकाठी ज़िले के नेताओं से सीधा संवाद कर रही थीं। इस घटनाक्रम के बाद अब बांग्लादेश सरकार सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग की प्रमुख शेख हसीना के निधन या गंभीर रूप से बीमार होने की अफवाह ने देशभर में सनसनी मचा दी है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—फेसबुक, यूट्यूब और कई ऑनलाइन चैनलों पर उनकी मौत से जुड़े पोस्ट, फोटो कार्ड और संवेदना संदेश वायरल हो रहे हैं। इन पोस्टों में दावा किया गया कि हसीना की तबीयत बेहद नाज़ुक है या उनका निधन हो चुका है। हालांकि, आवामी लीग ने इन सभी खबरों को पूरी तरह फर्जी और सुनियोजित षड्यंत्र बताया है।

पार्टी नेताओं के अनुसार, जिस समय ये अफवाहें फैल रही थीं, उस वक्त शेख हसीना खुद एक राजनीतिक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं। पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह सब देश की स्थिरता और हसीना की राजनीतिक साख को कमजोर करने की कोशिश है। आवामी लीग ने सोशल मीडिया पर फैल रहे संवेदना संदेशों और नकली पोस्टरों को “राजनीतिक साजिश” करार दिया है।

अफवाह की शुरुआत की जांच में पता चला कि इसकी जड़ एक फेसबुक अकाउंट “Tulip Rizwana Siddique” से हुई थी, जो खुद को ब्रिटिश सांसद और शेख हसीना की भतीजी तुलीप सिद्दीकी बताती है। इस अकाउंट से 25 अक्टूबर को एक पोस्ट किया गया — “आंटी थोड़ी बीमार हैं, सभी दुआ करें” — जिसके कुछ घंटों बाद पोस्ट गायब कर दी गई। लेकिन इसी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर शेख हसीना की तबीयत को लेकर भ्रम फैलने लगा। बाद में जांच में सामने आया कि तुलीप सिद्दीकी का आधिकारिक फेसबुक पेज ही मौजूद नहीं है; उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर केवल Instagram और X (Twitter) अकाउंट का उल्लेख है।

फर्जी खबरों की श्रृंखला यहीं नहीं रुकी। कुछ यूजर्स ने आवामी लीग के नाम से जारी एक संवेदना संदेश तक वायरल कर दिया, जिस पर महासचिव ओबैदुल कादर के हस्ताक्षर दिखाए गए थे। यहां तक कि सोशल मीडिया पर यह झूठ तक फैल गया कि शेख हसीना का अंतिम संस्कार दिल्ली की जामा मस्जिद में होगा और ढाका में विशेष प्रार्थना सभा रखी गई है। हालांकि, थोड़ी ही देर बाद आवामी लीग ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने साथ ही हसीना का एक ऑडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें वे कहती सुनी गईं— “मेरे बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं। मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं, मुझे अपने देश को बचाना है।” हालांकि इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आवामी लीग ने कहा कि यह “राज्य-प्रायोजित दुष्प्रचार अभियान” है, जिसके पीछे वे शक्तियां हैं जो बांग्लादेश की राजनीति में अस्थिरता लाना चाहती हैं। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि विपक्ष हसीना की लोकप्रियता और उनके समर्थकों के संगठनात्मक बल से घबराया हुआ है। उस समय जब यह अफवाह फैल रही थी, शेख हसीना झलकाठी ज़िले के नेताओं से सीधा संवाद कर रही थीं। इस घटनाक्रम के बाद अब बांग्लादेश सरकार सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।

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