हैदराबाद में भारी बारिश और बाढ़ का कहर, एमजीबीएस बस स्टेशन जलमग्न, बचाव अभियान जारी
हैदराबाद में शुक्रवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर का हाल बेहाल कर दिया है। दक्षिण भारत के सबसे बड़े बस अड्डे महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) में मूसी नदी का पानी घुस गया, जिससे पूरा परिसर जलमग्न हो गया। अचानक आई इस बाढ़ के बाद सैकड़ों यात्री फँस गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला।
दरअसल, भारी बारिश के चलते हिमायत सागर और उस्मान सागर जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया। आधी रात के बाद मूसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और एमजीबीएस परिसर के दोनों पुल पानी में डूब गए। नदी का उफान इतना तेज था कि बस स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पानी पहुंच गया और बस सेवाएं पूरी तरह रोक दी गईं। यात्रियों को कमर तक पानी में चलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव हो गया है। चादरघाट, अत्तापुर, राजेंद्रनगर, बहादुरपुरा, मलकपेट और मूसारामबाग जैसे इलाकों में पानी घरों में घुस गया। निवासियों ने आरोप लगाया कि बिना चेतावनी के पानी छोड़ा गया, जिससे उनके घरों का सामान नष्ट हो गया। लोगों ने सरकार से तत्काल राहत और मदद की अपील की है। एहतियातन, चादरघाट पुल के पास मुख्य सड़क बंद कर दी गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जलाशयों की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। उस्मान सागर का जलस्तर खतरे के करीब पहुँच गया, जिसके चलते बांध के 10 गेट खोलकर 6,370 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, हिमायत सागर से 4,069 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। इससे मूसी नदी लगातार उफान पर है और आसपास के निचले इलाकों में पानी भरता जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में 50 से 85 मिमी तक बारिश की संभावना जताई गई है। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश और बाढ़ की स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जाए और तुरंत राहत कार्य सुनिश्चित किए जाएं। आईटी कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि भारी बारिश के मद्देनजर कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प दिया जाए। वहीं, आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और बचाव अभियान लगातार जारी है।
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