नेपाल: सोशल मीडिया बैन के बाद भड़के हिंसक प्रदर्शन, 21 की मौत, पीएम ओली पर इस्तीफे का दबाव
नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने हालात को विस्फोटक बना दिया है। काठमांडू और इटाहरी समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें अब तक 21 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से ज्यादा घायल हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने बच्चों तक पर गोलियां चलाईं, जिससे जनता का गुस्सा और भड़क गया। हालात काबू से बाहर होने पर सरकार ने सोशल मीडिया पर लगा बैन हटा दिया और गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दे दिया, लेकिन लोग सड़कों से हटने को तैयार नहीं हैं।
काठमांडू की सड़कों पर युवाओं की भारी भीड़ लगातार जुटी हुई है। प्रदर्शनकारी अब सिर्फ सोशल मीडिया बैन हटाने की मांग पर नहीं, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री केपी ओली के इस्तीफे पर अड़े हैं। उनका कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार छिपाने और अभिव्यक्ति की आज़ादी खत्म करने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात से और बढ़ गया है कि जिन बच्चों की मौत हुई, उन्हें स्कूल की ड्रेस में सिर पर गोली मारी गई। इससे जनता में आक्रोश की लहर और तेज हो गई है।
सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़े नियम लागू करने का आदेश दिया था। इसके तहत नेपाल में लोकल ऑफिस खोलना, गलत कंटेंट हटाने के लिए लोकल अधिकारी नियुक्त करना और कानूनी नोटिसों का जवाब देना अनिवार्य किया गया। युवाओं का आरोप है कि यह सब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खत्म करने और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया गया। विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है, लेकिन गुस्से से उबल रहे लोग पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और ओली सरकार पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है।
Share this content:
