May 1, 2026

पीएम मोदी के चीन दौरे पर कांग्रेस का हमला, गलवान से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक उठाए सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन की यात्रा पर हैं, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि, उनकी इस यात्रा को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी गलवान घाटी में शहीद हुए 20 सैनिकों के बलिदान को भुलाकर चीन के राष्ट्रपति से मुस्कुराते हुए हाथ मिला रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह देश के वीर जवानों की शहादत का अपमान है।

 

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा कि जून 2020 में गलवान घाटी में चीन की आक्रामकता के कारण हमारे 20 बहादुर जवानों ने प्राणों की आहुति दी थी। इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने उसी महीने 19 जून को चीन को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने लद्दाख में यथास्थिति की बहाली की मांग की थी, लेकिन सरकार इसे हासिल करने में असफल रही। इसके विपरीत, मोदी सरकार चीन के साथ संबंधों को सुधारने के प्रयासों में लगी रही, जिससे उसकी आक्रामकता को अप्रत्यक्ष मान्यता मिलती दिखाई दी।

 

जयराम रमेश ने आगे लिखा कि मोदी सरकार चीन के रवैये पर कठोर कदम उठाने की बजाय नरमी दिखा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 4 जुलाई को उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन और पाकिस्तान के गठजोड़ को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, इस दौरान चीन पाकिस्तान को लाइव अपडेट दे रहा था और खुलकर उसका साथ दे रहा था। इसके बावजूद भारत सरकार ने इस गठजोड़ को गंभीरता से नहीं लिया और इसे नियति मानकर चुपचाप स्वीकार कर लिया।

 

कांग्रेस ने पीएम मोदी पर यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने चीन की नापाक गतिविधियों पर आंखें मूंद ली हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि चीन लगातार सीमा पर आक्रामक रुख अपनाता रहा है और अब उसने यारलुंग त्संगपो नदी पर विशाल जलविद्युत परियोजना की घोषणा की है, जिसका भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों पर गंभीर असर पड़ेगा। इसके बावजूद सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस बयान या विरोध दर्ज नहीं किया। साथ ही, कांग्रेस का आरोप है कि चीन से हो रहे अनियंत्रित आयात ने भारत की MSME इकाइयों को बुरी तरह प्रभावित किया है, लेकिन मोदी सरकार इस पर सख्त कदम उठाने में नाकाम रही है।

 

कांग्रेस के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा चीन के साथ मित्रवत तस्वीर पेश करने की कोशिश है, जबकि हकीकत यह है कि चीन ने बार-बार भारत के खिलाफ कदम उठाए हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या ‘न्यू नॉर्मल’ का मतलब यही है कि चीन आक्रामकता दिखाए और भारत सरकार चुपचाप झुकती रहे। विपक्ष का कहना है कि सरकार को चीन के सामने स्पष्ट और कठोर रुख अपनाना चाहिए, ताकि देश की सुरक्षा और सैनिकों की शहादत के सम्मान से कोई समझौता न हो।

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