देश की राजधानी दिल्ली में नकली घरेलू सामान बनाने का बड़ा मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 20 लाख रुपये मूल्य के नकली प्रोडक्ट भी बरामद किए हैं। यह गिरोह लंबे समय से बाजार में मिलते-जुलते पैकेजिंग का इस्तेमाल कर रोजमर्रा के घरेलू सामान की नकली सप्लाई कर रहा था। जिन उत्पादों की नकल की जा रही थी, उनमें ऑल आउट अल्ट्रा, गुड नाइट रिफिल, गोदरेज हिट स्प्रे और गोदरेज साबुन शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इन सामानों को असली ब्रांड के नाम पर बाजार में उतारा जाता था और उपभोक्ता इन्हें असली समझकर खरीदते थे।
क्राइम ब्रांच को बीते दिनों सूचना मिली थी कि रोहिणी इलाके में एक गोदाम के भीतर बड़े पैमाने पर नकली सामान तैयार किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद 27 अगस्त को पुलिस ने वहां छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान गोदाम मालिक अंकित मित्तल को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को वहां से हजारों की संख्या में नकली प्रोडक्ट मिले, जिनकी बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। शुरुआती पूछताछ में अंकित ने खुलासा किया कि इस धंधे में उसके साथ दो और लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम हैप्पी गोयल और नरेश सिंह हैं। दोनों को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से दबोच लिया।
पुलिस की छापेमारी में भारी मात्रा में नकली सामान और उपकरण बरामद हुए। इसमें 5220 नकली गोदरेज साबुन, 3500 ऑल आउट अल्ट्रा, 2160 गुड नाइट लिक्विड रिफिल, सैकड़ों नकली हिट स्प्रे पैक और पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें तथा मिक्सिंग सामग्री शामिल थीं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह ने असली ब्रांड की हूबहू नकली पैकेजिंग तैयार की थी ताकि उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाएं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन सामानों की सप्लाई दिल्ली ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों में भी की जा रही थी।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बताया कि यह कार्रवाई संबंधित कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की गई। जब्त किए गए सभी उत्पादों की जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि वे नकली हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है ताकि सप्लाई चेन का पूरा खुलासा हो सके।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर से बाजार में मिल रहे नकली उत्पादों के खतरे को उजागर कर दिया है। ऐसे सामान न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हो सकते हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अब तक बड़ी मात्रा में नकली सामान बाजार में बेच चुका है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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