बिजनौर में दर्दनाक घटना: BSF जवान ने डेढ़ साल के बेटे संग गंगा में लगाई छलांग, 5 दिन पहले पत्नी ने भी दी थी जान
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां बीएसएफ जवान राहुल ने अपने डेढ़ साल के मासूम बेटे को गोद में लेकर गंगा बैराज से छलांग लगा दी। यह घटना शनिवार दोपहर की है, जिसे राहगीरों ने अपनी आंखों से देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस के साथ-साथ पीएसी के गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम गंगा में बाप-बेटे की तलाश में जुट गई। छह घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला लेकिन उफान मार रही गंगा नदी ने अब तक किसी का भी पता नहीं चलने दिया।
इस पूरे घटनाक्रम का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें राहुल अपने बेटे प्रणव को लेकर बैराज के गेट नंबर 17 तक पहुंचते दिखते हैं। पहले वह बेटे को पैदल लेकर जाते हैं और फिर गोद में उठाकर अचानक नदी में छलांग लगा देते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यही वह जगह थी, जहां से मात्र पांच दिन पहले राहुल की पत्नी मनीषा ने भी नदी में कूदकर जान दे दी थी।
दरअसल, राहुल और मनीषा की शादी पांच साल पहले हुई थी। दोनों ने लव मैरिज की थी और शादी के तीन साल बाद उनके बेटे प्रणव का जन्म हुआ। नजीबाबाद की वेद विहार कॉलोनी में रहने वाला यह परिवार सामान्य जीवन जी रहा था। लेकिन कुछ महीने पहले राहुल को पैरालाइसिस की दिक्कत हुई, जिसके चलते उन्होंने छुट्टी लेकर घर पर रहना शुरू कर दिया। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि 19 अगस्त को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में मनीषा ने कहा कि वह गंगा बैराज से कूदकर जान दे देगी। उसी दिन वह घर छोड़कर चली गई और बाद में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वह वास्तव में गंगा बैराज से कूद चुकी है।
राहुल ने पत्नी की तलाश में काफी कोशिश की। जब वह बैराज पर पहुंचे तो वहां पत्नी की चप्पल मिली। पुलिस और गोताखोरों की टीमें पिछले पांच दिनों से मनीषा की तलाश कर रही थीं, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसी बीच शनिवार को राहुल अपने बेटे को दवा दिलाने अस्पताल लाए और फिर वहां से सीधे गंगा बैराज पहुंचे। दोपहर करीब 2 बजे वह बेटे के साथ गेट नंबर 17 पर पहुंचे और वहीं से छलांग लगा दी। उन्होंने अपना मोबाइल फोन पुल पर ही छोड़ दिया था।
फिलहाल पुलिस और रेस्क्यू टीम बाप-बेटे की गंगा में तलाश कर रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। लोग दंपति और मासूम की इस त्रासदी को सुनकर दंग हैं। गंगा का वही गेट नंबर 17 अब स्थानीय लोगों के लिए भय और दुख का प्रतीक बन चुका है, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य अपनी जान गंवा चुके हैं। यह घटना न केवल एक परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा और सवाल छोड़ गई है।
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