आगरा में नकली दवाओं का बड़ा रैकेट बेनकाब, व्यापारी ने टीम को दी 1 करोड़ की रिश्वत की पेशकश
उत्तर प्रदेश के आगरा से नकली दवाओं के कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ड्रग विभाग की टीम ने शुक्रवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए हेमा मेडिको की दुकान और गोदाम पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 2.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं जब्त की गईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दुकान के मालिक हिमांशु अग्रवाल ने छापेमारी रोकने के लिए अधिकारियों को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। टीम ने तुरंत इस रिश्वत को अस्वीकार करते हुए व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
छापेमारी के दौरान बरामद दवाओं में Glenmark, Zydus, Sun Pharma और Sanofi जैसी नामी कंपनियों की नकली या संदिग्ध दवाएं शामिल थीं। अकेले Allegra 120mg की 2.97 लाख टैबलेट वहां से बरामद हुईं। अधिकारियों ने इन दवाओं के कुल 14 सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। आशंका जताई जा रही है कि इनमें से अधिकतर नकली हो सकते हैं। शुरुआती जांच से पता चला है कि इन दवाओं को बड़े स्तर पर बाजार में उतारा जा रहा था, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
इस मामले ने यह भी साफ कर दिया है कि यह नेटवर्क केवल आगरा तक सीमित नहीं था, बल्कि 11 राज्यों तक फैला हुआ था। जानकारी के मुताबिक, नकली दवाओं का यह कारोबार चेन्नई से लेकर लखनऊ तक सक्रिय था और कई दवा स्टोरों के जरिए इनकी सप्लाई की जाती थी। फिलहाल बंसल मेडिकल स्टोर समेत अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क के और बड़े नाम सामने आएंगे।
छापेमारी के दौरान नकदी की इतनी बड़ी मात्रा सामने आई कि अधिकारियों को उसे गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। यह दिखाता है कि यह कारोबार कितने बड़े पैमाने पर चल रहा था। हिमांशु अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ से इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
आगरा में हुई इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है। नकली दवाओं का यह कारोबार न केवल आर्थिक अपराध है बल्कि यह सीधे आम लोगों की जान से खेलने जैसा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस रैकेट का भंडाफोड़ लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
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