बहराइच में 14 अगस्त को अखंड भारत संकल्प दिवस का भव्य आयोजन, देशभक्ति और संस्कृति का प्रतीक
बहराइच। 14 अगस्त, गुरुवार को सायं 5:00 बजे श्री राम जानकी मंदिर, पंचायती ठाकुर, मोहल्ला कानून गोपुर, बहराइच में अखंड भारत संकल्प दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन विश्व हिंदू परिषद के तत्वाधान में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर में मनाए जाने वाले अखंड भारत संकल्प दिवस की श्रृंखला का हिस्सा है। यह दिवस हमारे देश की ऐतिहासिक एकता, संस्कृति और सनातन परंपरा को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

अखंड भारत संकल्प दिवस का उद्देश्य सभी सनातनी और देशभक्तों को यह स्मरण कराना है कि हमारा देश कभी विभाजित नहीं था, बल्कि हमारे पूर्वजों ने इसे एक संपूर्ण, अखंड और महान राष्ट्र के रूप में स्थापित किया था। सन 1857 से 1947 तक भारत के कई हिस्से अलग हुए और आज के समय में यह क्षेत्र अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और तिब्बत के रूप में विभाजित हैं। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद करते हुए यह दिवस हमें हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को पुनः जीवंत करने की प्रेरणा देता है।
इस वर्ष बहराइच जनपद के नगर प्रखंड में हुई बैठक में तय किया गया कि अखंड भारत संकल्प दिवस का आयोजन भव्य रूप से किया जाएगा। कार्यक्रम में न केवल संगठन के कार्यकर्ता बल्कि सनातनी और देशभक्त नागरिक भी आमंत्रित हैं। डॉ. राकेश कुमार दुबे, विभागाध्यक्ष, पालक नगर प्रखंड, मातृशक्ति/दुर्गा वाहिनी ने सभी नागरिकों से सादर अनुरोध किया है कि वे अपने परिवार और मित्रों के साथ इस कार्यक्रम में उपस्थित हों और राष्ट्र की एकता के इस महान संदेश को साझा करें।
आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत और प्राचीन भारतीय परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित लोगों को इस अवसर पर अखंड भारत की संकल्पना को समझने और उसे आत्मसात करने का अद्वितीय अनुभव प्राप्त होगा। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय पहचान, गौरव और एकता की प्रतीकात्मक यात्रा है।

विशेष रूप से यह आयोजन हमारे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा। यह उन्हें यह सिखाएगा कि देशभक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने देश और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान और कर्तव्यभाव रखना भी है। कार्यक्रम में उपस्थित लोग इस महान संदेश का हिस्सा बनकर इतिहास और संस्कृति को जीवित करने में योगदान देंगे।
डॉ. राकेश कुमार दुबे ने कहा कि यह अवसर हमें यह याद दिलाता है कि हमारा भारत कभी एकता और अखंडता के मार्ग से भटक नहीं सकता। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस आयोजन में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लें और अपने परिवार एवं मित्रों के साथ इस कार्यक्रम को यादगार बनाएं।
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