टैरिफ संकट के बीच बोले पीएम मोदी — “किसानों के हितों के लिए कीमत चुकाने को भी तैयार हूँ”
अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाए जाने के फैसले के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने कृषि समुदाय के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। पीएम मोदी ने कहा, “अगर किसानों के हितों की रक्षा के लिए मुझे व्यक्तिगत रूप से कोई कीमत चुकानी पड़े, तो भी मैं तैयार हूं।” यह बयान उन्होंने दिल्ली के पूसा स्थित आईसीएआर में आयोजित एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दिया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कृषि क्षेत्र को सरकार की प्राथमिकताओं का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, खेती में लागत घटाना और नए आय स्रोत विकसित करना हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। उनका कहना था कि मछुआरे, पशुपालक और छोटे किसान हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, और इन्हें मजबूती देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान ‘पीएम धन धान्य योजना’ का भी ज़िक्र किया, जिसे हाल ही में मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत 100 पिछड़े जिलों में खेती की स्थिति को सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10,000 नए एफपीओ (फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) की स्थापना से छोटे किसानों को एकजुट होकर ताकत मिली है। साथ ही, ई-नाम पोर्टल के जरिए किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलना शुरू हुआ है।
अपने भाषण में पीएम ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाएं सिर्फ सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास पैदा करने का भी काम कर रही हैं। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और कृषि सिंचाई योजना जैसे कार्यक्रमों का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह इन योजनाओं ने किसानों को आत्मबल और जोखिम से सुरक्षा दी है।
ट्रंप सरकार द्वारा टैरिफ बढ़ाए जाने की पृष्ठभूमि में पीएम मोदी का यह बयान भारत के स्टैंड को स्पष्ट करता है। इससे यह संदेश गया है कि भारत दबाव में आकर अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं या अपने कृषि क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करेगा। प्रधानमंत्री के इस रुख को किसान हितैषी और आत्मनिर्भर भारत के एजेंडे को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
Share this content:
