April 30, 2026

48 घंटे में सांसद की चेन मिली, लेकिन आम जनता के लिए इंसाफ़ अब भी सपना क्यों है?

दिल्ली में कांग्रेस सांसद आर. सुधा की चेन चोरी हुई, और उन्होंने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। बस, यही काफी था कि दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे के अंदर चोर को गिरफ्तार कर चेन बरामद कर ली। क्या यही है देश की व्यवस्था? जब नेता की शिकायत होती है तो पूरा सिस्टम एकजुट हो जाता है, लेकिन जब आम आदमी रोता है तो यही सिस्टम अक्सर सो जाता है।

 

यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि देश में चल रही दोहरी न्याय प्रणाली की पोल खोलने वाली बात है। सरकारी आंकड़े साफ बताते हैं कि 2019 से लेकर 2025 तक चोरी हुए मोबाइलों में से केवल 30 फीसदी ही वापस मिले हैं। यानी, आम लोगों के लिए पुलिस की उपलब्धता और प्रभावकारिता एक बड़ा सवाल है।

 

सांसद की चेन के लिए दिल्ली पुलिस की पूरी टीमें, साइबर सेल, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाने एकजुट हो जाते हैं, लेकिन जब आम आदमी का मोबाइल चोरी होता है तो उसके लिए पुलिस के दरवाज़े मुश्किल से खुलते हैं। शिकायत दर्ज कराने के बाद लंबा इंतजार, फिर आधी-अधूरी जांच और अंततः निराशा ही हाथ लगती है।

 

यह सिस्टम केवल रसूखदारों के लिए काम करता है। आम नागरिक की शिकायतों को अनसुना कर दिया जाता है, या फिर उन्हें लंबी जांच और झंझटों के चक्कर में फंसा दिया जाता है। सवाल उठता है — क्या आम आदमी का भी उतना ही हक़ नहीं कि उसकी चोरी हुई संपत्ति वापस मिले? या देश में केवल वीआईपी की सुरक्षा ही प्राथमिकता है?

 

सरकार को अब जनता के सवालों का जवाब देना होगा। क्या यह लोकतंत्र सिर्फ रसूखदारों और नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है? क्या आम जनता को भी 48 घंटे में न्याय मिलना संभव नहीं? अगर सांसद की चेन मिली तो फिर आम आदमी के मोबाइल फोन, पर्स और गहने क्यों खो जाते हैं?

 

यह घृणित दोगलापन साफ दिखाता है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था कितनी असमान हो चुकी है। जनता को अब सरकार से जवाब चाहिए कि आखिर कब तक वह इस भेदभाव को सहन करेगी? कब तक आम आदमी को अपनी शिकायत लेकर थानों के चक्कर काटने पड़ेंगे?

 

यह वक्त है सिस्टम को जगाने का, जवाबदेही तय करने का, और हर नागरिक को बराबर का हक़ देने का। अगर सांसद की चेन को 48 घंटे में ढूंढा जा सकता है, तो आम जनता के लिए भी इंसाफ़ की यही रफ्तार कब आएगी? जनता अब चुप नहीं रहेगी, वह मांगती है एक ऐसा सिस्टम जो सभी के लिए निष्पक्ष और त्वरित हो।

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