लखनऊ: दरवाजा नहीं खुला, बेटा रोता रहा… और अंदर फंदे से झूल रहा था पिता – रेप केस, धमकी और तनाव की कहानी ने ली जान
एक शांत रात अचानक चीखों में तब्दील हो गई जब लखनऊ के नाका क्षेत्र में एक मासूम बच्चा अपने पिता को बुलाता रहा, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। दरवाजा खटखटाने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो बाहर खड़े लोगों को कुछ अनहोनी का शक हुआ। कुछ ही देर में स्थानीय लोग दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए, तो जो देखा वह दिल दहला देने वाला था — कमरे में रोहित यादव फंदे से झूल रहा था।
35 वर्षीय रोहित यादव, जो तकरोही (इंदिरानगर) का निवासी था, कुछ समय से नाका के मातादीन हाता इलाके में पत्नी पूजा, बेटी रिया और बेटे के साथ किराए पर रह रहा था। पूजा वहां ब्यूटी पार्लर चलाती है। परिवार में सब कुछ सामान्य नहीं था। दरअसल, रोहित के खिलाफ मानकनगर थाने में बलात्कार का मामला दर्ज था और वह करीब एक वर्ष जेल में सजा काट चुका था। हाल ही में उसे जमानत पर रिहा किया गया था।
घटना वाले दिन पत्नी पूजा ने रोहित को बताया कि जिस महिला ने रेप का आरोप लगाया था, उसने उसे कॉल कर 12 लाख रुपये की मांग की है। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में जमकर विवाद हुआ। नाराज होकर पूजा अपनी बेटी को लेकर ब्यूटी पार्लर चली गई। बेटा बाहर खेल रहा था, तभी रात 10 बजे वह घर लौटा और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई।
बेटे के रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए। सभी ने मिलकर दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन वह अंदर से बंद था। जब किसी तरह लोग दीवार फांदकर घर में घुसे तो रोहित का शव पंखे से लटका मिला। तुरंत पुलिस और पत्नी को सूचना दी गई।
रोहित को आनन-फानन में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
यह घटना सिर्फ आत्महत्या नहीं है, यह एक ऐसे व्यक्ति की टूटती उम्मीदों, कानूनी जकड़न, रिश्तों में तनाव और सामाजिक दबाव की कहानी है। एक आरोपी, एक पति, एक पिता… और आखिर में एक लाश। क्या यह सचमुच आत्महत्या थी या सामाजिक और मानसिक शोषण की परिणति? पुलिस अब मामले की तह तक जाने की तैयारी में है।
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