कल से शुरू हो रहा संसद का मानसून सत्र, विपक्ष बोला- पहलगाम से लेकर SIR तक हर मुद्दे पर जवाब दें पीएम मोदी

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है और इससे एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में शामिल हुए विपक्षी दलों ने साफ कर दिया कि वे इस सत्र में कई ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार हैं। खासतौर पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि देश में हाल ही में जो घटनाएं घटी हैं, उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद सदन में जवाब देना चाहिए।

 

गौरव गोगोई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी पार्टी संसद में पहलगाम आतंकी हमले में हुई सुरक्षा चूक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर किए गए दावों और चुनाव आयोग से जुड़ी पारदर्शिता जैसे कई गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय कांग्रेस ने सेना को समर्थन दिया था और अब जरूरी है कि संसद में सेना के साथ एकजुटता दिखाई जाए।

 

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल खुद जिस हमले को सुरक्षा चूक बता चुके हैं, उस पर सरकार को संसद के पटल पर स्पष्ट बयान देना चाहिए। गोगोई ने यह भी कहा कि अगर संसद में चर्चा होती है तो वह सकारात्मक और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए।

 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया बयानों को लेकर भी गोगोई ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार यह दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर समझौता ट्रंप की वजह से हुआ, यह भारत की संप्रभुता और सेना के सम्मान पर सीधा प्रहार है। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना होगा कि भारत की विदेश नीति किन सिद्धांतों पर चल रही है।

 

चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से चुनाव आयोग राजनीतिक दलों से संवाद करने में भी हिचकिचा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है। नागरिकों के वोट देने के अधिकार और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि इन सभी मसलों पर विस्तृत चर्चा की जरूरत है और प्रधानमंत्री को खुद सदन में मौजूद रहकर जवाब देना चाहिए।

 

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