रणबीर कपूर की ‘रामायण’ से पहले जानिए रामानंद सागर की रामायण में ‘भगवान राम’ बने अरुण गोविल ने कितनी फीस ली थी
आज जब रणबीर कपूर की 4000 करोड़ की मेगा बजट ‘रामायण’ सुर्खियों में है, तो लोगों की यादें फिर से रामानंद सागर की ऐतिहासिक ‘रामायण’ की ओर लौट रही हैं। वो दौर कुछ और था, जब रविवार की सुबह पूरा देश टीवी के सामने हाथ जोड़कर बैठ जाता था, क्योंकि पर्दे पर भगवान राम आते थे। उस किरदार को जीवंत किया था अरुण गोविल ने, जिनकी मुस्कुराहट, संवाद अदायगी और गरिमा ने उन्हें सिर्फ अभिनेता नहीं, लोगों की आस्था का प्रतीक बना दिया था।
प्रेम सागर के मुताबिक, अरुण गोविल की मुस्कुराहट और शांत चेहरा उन्हें भगवान राम के रूप में एकदम परफेक्ट बनाता था। विक्रम-बेताल में विक्रमादित्य बन चुके अरुण जब राम के किरदार में आए, तो लोग उन्हें देखकर टीवी के सामने सिर झुकाने लगे। शो की लोकप्रियता इतनी थी कि लोग सार्वजनिक स्थानों पर उन्हें देखकर उनके पैर छूने लगते थे। एक वाकया तो ऐसा हुआ कि सिगरेट पीते देख एक फैन नाराज हो गया और कहा, “आप भगवान हैं, ऐसा मत करिए”, और उसके बाद अरुण गोविल ने सिगरेट को हमेशा के लिए छोड़ दिया।
लेकिन अब सवाल उठता है कि उस दौर में जब न तकनीक थी, न हाई बजट, तब इस ऐतिहासिक शो के लिए अरुण गोविल को कितनी फीस मिली थी? रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने रामायण के लिए कुल 40 लाख रुपये चार्ज किए थे, जो उस समय के हिसाब से किसी टीवी कलाकार के लिए एक बड़ी रकम मानी जाती थी। ये फीस दीपिका चिखलिया (सीता), दारा सिंह (हनुमान) और अरविंद त्रिवेदी (रावण) से भी ज्यादा थी।
अब बात करें रणबीर कपूर की आने वाली ‘रामायण’ की, तो वो इस फिल्म के पहले पार्ट के लिए 75 करोड़ रुपये चार्ज कर रहे हैं। फिल्म को दो पार्ट्स में रिलीज किया जाएगा, यानी उनकी कुल फीस 150 करोड़ रुपये तक जा सकती है। हालांकि फीस में फर्क जितना भी हो, किरदार की जिम्मेदारी कहीं ज्यादा बड़ी है, क्योंकि लोग आज भी रामानंद सागर की रामायण को ‘अल्टीमेट’ मानते हैं।
अभी भी जब कोई राम के किरदार की कल्पना करता है तो आंखों के सामने सबसे पहले अरुण गोविल का चेहरा आता है। ऐसे में रणबीर कपूर की चुनौती दोगुनी है—न सिर्फ एक पौराणिक किरदार को निभाने की, बल्कि एक ऐसे अभिनेता की छवि से भी मुकाबला करने की, जिसे लोग सच में भगवान मानने लगे थे।
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