ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ परमाणु हमला करना चाहता था पाकिस्तान? PM शहबाज शरीफ ने तोड़ी चुप्पी, बताई हकीकत
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि मई में भारत-पाक संघर्ष के दौरान पाकिस्तान परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी में था। शरीफ ने इस्लामाबाद में छात्रों को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम केवल आत्मरक्षा और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, न कि किसी हमले के लिए। उन्होंने बताया कि मई में चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान भारतीय सैन्य कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए, लेकिन पाकिस्तान ने इसका माकूल जवाब भी दिया।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 22 अप्रैल को “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान 7 मई को भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर समेत 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक और सामरिक हलकों में परमाणु हथियारों के उपयोग को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे।
प्रधानमंत्री शरीफ ने इस विषय पर दो टूक कहा कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और उसका इरादा कभी भी आक्रामक नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि परमाणु विकल्पों पर विचार किया गया हो।
इस बीच, पाकिस्तान में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों पर भी उन्होंने जवाब दिया। शरीफ ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पद छोड़ सकते हैं और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर राष्ट्रपति बनने की तैयारी में हैं। उन्होंने ‘द न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में इन खबरों को निराधार बताया और कहा कि फील्ड मार्शल मुनीर ने कभी इस तरह की कोई मंशा जाहिर नहीं की। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरदारी और मुनीर दोनों के साथ उनके रिश्ते मजबूत हैं और देश की तरक्की के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
इस पूरी स्थिति ने पाकिस्तान के परमाणु नीति और आंतरिक राजनीति को लेकर कई बहसों को जन्म दिया है, लेकिन शरीफ के बयान ने फिलहाल इन अटकलों पर विराम लगाने का प्रयास किया है।
Share this content:
