May 1, 2026

नेतन्याहू ने ज़ोहरान ममदानी की गिरफ्तारी की धमकी पर कसा तंज, कहा – हथकड़ी की फिक्र नहीं, न्यूयॉर्क दौरा रहेगा तय

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ज़ोहरान ममदानी की गिरफ्तारी की धमकी को पूरी तरह खारिज करते हुए उसका मजाक उड़ाया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे न्यूयॉर्क की अपनी यात्रा पर अडिग हैं और किसी तरह की ‘हथकड़ी’ की टेंशन नहीं पालते। ममदानी ने कुछ दिन पहले एक सार्वजनिक मंच से यह बयान दिया था कि अगर नेतन्याहू अमेरिका, विशेष रूप से न्यूयॉर्क आते हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

इस बयान के बाद जब मीडिया ने नेतन्याहू से उनके अमेरिका दौरे को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा कि “हथकड़ी पहनने का इरादा नहीं है, लेकिन न्यूयॉर्क जाने का जरूर है।” नेतन्याहू ने हंसते हुए यह भी जोड़ा कि वो धमकियों से डरने वालों में नहीं हैं और ऐसी बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीतिक बयानबाज़ी से न तो उनकी विदेश नीति प्रभावित होती है और न ही यात्रा कार्यक्रम।

गौरतलब है कि ज़ोहरान ममदानी भारतीय मूल के अमेरिकी नेता हैं, जो अक्सर फिलिस्तीन और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाते रहे हैं। उनका आरोप है कि नेतन्याहू की सरकार गाजा में मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार है और ICC द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट इसी का प्रमाण है।

हालांकि नेतन्याहू और उनकी सरकार लगातार इस वारंट को राजनीतिक हथकंडा बताते आए हैं और इसे इजराइल की संप्रभुता पर हमला मानते हैं। उनका कहना है कि इजराइल एक लोकतांत्रिक और स्वतंत्र देश है जो आतंक के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सबसे आगे है।

नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा पहले से तय है और उनका वहां कई राजनयिक बैठकों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र और यहूदी समुदाय के नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम है। इस पृष्ठभूमि में ममदानी का बयान अमेरिकी राजनीति में तीखी बहस का कारण बन गया है, जिसमें नेतन्याहू के समर्थक और विरोधी आमने-सामने हैं।

नेतन्याहू के इस प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि वे अमेरिका में हो रहे राजनीतिक विवादों को लेकर चिंतित नहीं हैं और उनकी प्राथमिकता इजराइल के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करना है। उन्होंने अपनी बातों से यह संदेश देने की कोशिश की है कि धमकियों से डरना उनके स्वभाव में नहीं है और वे वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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