सीरिया में हयात तहरीर अल-शाम अब नहीं रहा आतंकवादी संगठन, अमेरिका ने हटाया प्रतिबंध, नेतन्याहू ने बताया ऐतिहासिक कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया के कट्टरपंथी संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) को विदेशी आतंकवादी संगठनों (Foreign Terrorist Organization – FTO) की सूची से बाहर कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका के दौरे पर हैं। नेतन्याहू ने इस कदम की सराहना करते हुए इसे पश्चिम एशिया में स्थिरता, सुरक्षा और शांति की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक फैसला बताया है। गौरतलब है कि HTS पहले अल-कायदा से जुड़ा हुआ अल-नुसरा फ्रंट था, जिसे बाद में खुद को अल-कायदा से अलग कर हयात तहरीर अल-शाम नाम दे दिया गया था।
ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक मार्को रुबियो ने बयान में कहा कि यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप के उस वादे की पूर्ति है, जो उन्होंने 13 मई को अपनी मध्य पूर्व यात्रा के दौरान किया था। उस दौरे में ट्रंप ने सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की बात कही थी। रुबियो ने स्पष्ट किया कि HTS को अब आतंकवादी संगठन नहीं माना जाएगा और यह आदेश 8 जुलाई से प्रभाव में आ जाएगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला सीरिया की अंतरिम सरकार और राष्ट्रपति अहमद अल-शरा द्वारा संगठन को भंग करने और आतंकवाद के खिलाफ ठोस प्रतिबद्धता जताने के बाद लिया गया है।
रुबियो के मुताबिक, सीरिया की सरकार ने यह वादा किया है कि वह अपने क्षेत्र से किसी भी तरह के आतंकी नेटवर्क को खत्म करेगी और क्षेत्रीय शांति की बहाली में सहयोग देगी। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यह फैसला एक स्थिर, एकीकृत और शांतिपूर्ण सीरिया के निर्माण की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
वहीं नेतन्याहू ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह न केवल इजराइल बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि ईरान और उसके सहयोगियों की कमजोर स्थिति ने पश्चिम एशिया में नए अवसर पैदा किए हैं और अमेरिका द्वारा सीरिया की अंतरिम सरकार के साथ कूटनीतिक चैनल खोलना क्षेत्रीय स्थिरता में मदद करेगा।
जब नेतन्याहू से पूछा गया कि क्या वह अमेरिका और सीरिया के बीच बढ़ते संबंधों से सहज हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि दमिश्क में नई सरकार के साथ संवाद की शुरुआत स्वागत योग्य है, खासकर तब जब ईरान का प्रभाव घटता दिख रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि यह फैसला उनकी दूरदृष्टि और कूटनीतिक समझ का प्रतीक है।
व्हाइट हाउस में नेतन्याहू के साथ डिनर के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी एक देश के कहने पर नहीं, बल्कि कई देशों की अपील और क्षेत्रीय परिस्थितियों के गहन मूल्यांकन के बाद लिया गया है। लेकिन यह स्पष्ट है कि नेतन्याहू की भूमिका और उनके समर्थन का इस फैसले में अहम योगदान रहा है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब सीरिया एक लंबे गृहयुद्ध और राजनीतिक अस्थिरता से गुजर चुका है। ऐसे में अमेरिका का यह कदम न केवल सीरिया की नई सरकार को एक तरह की मान्यता देता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति को भी मजबूती देता है। अब देखना यह होगा कि HTS के प्रति वैश्विक नजरिए में यह बदलाव किस हद तक सीरिया की आंतरिक और बाहरी नीतियों को प्रभावित करता है।
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