April 18, 2026

मोदी सरकार अनुसंधान और इनोवेशन को देगी बढ़ावा, 1 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी

अनुसंधान, विकास एवं इनोवेशन के लिए अब वित्तीय समस्या नहीं रहेगी। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में अनुसंधान, विकास व इनोवेशन (आरडीआइ) के लिए एक लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी गई। पिछले साल जुलाई में पेश बजट में इसकी घोषणा की गई थी।इस घोषणा के बाद अब उभरते हुए सेक्टर जैसे कि क्वांटम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी आदि में इनोवेशन व अनुसंधान के लिए पर्याप्त वित्तीय मदद मिल सकेगी। देश को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक सुरक्षा एवं रणनीतिक उद्देश्यों से जुड़े सभी सेक्टरों को इस फंड के जरिए अनुसंधान व इनोवेशन के लिए सहायता दी जाएगी। डीप टेक के लिए फंड आफ फंड्स बनाया जाएगा।इस आरडीआइ स्कीम की विस्तृत रूपरेखा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) की गवर्निंग काउंसिल तैयार करेगी। इस एक लाख करोड़ के फंड से मुफ्त या फिर बेहद कम ब्याज पर अनुसंधान व इनोवेशन के लिए सहायता मिलेगी। स्कीम के दिशा-निर्देश भी एएनआरएफ तय करेगा और दूसरे स्तर के फंड मैनेजर भी एएनआरएफ की तरफ से प्रस्तावित किए जाएंगे।फंडिंग के दो स्तर होंगे। पहले स्तर के तहत एएनआरएफ में एक स्पेशल परपज फंड (एसपीएफ) का गठन होगा जिसके अधीन पूरा फंड होगा। इस एसपीएफ फंड से दूसरे स्तर के फंड मैनेजर को राशि आवंटित की जाएगी। उन्हें यह राशि लंबे समय के लिए मामूली ब्याज पर दी जाएगी। ये दूसरे स्तर के फंड मैनेजर ही स्टार्टअप्स व अन्य निजी सेक्टर को काफी कम ब्याज पर या बिना ब्याज के वित्तीय मदद देने का काम करेंगे। विज्ञान व तकनीकी विभाग आरडीआइ स्कीम के अमल के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!