April 20, 2026

सस्पेंस से भरी हत्या की वारदात: 20 वर्षीय युवक को दोस्तों ने बुलाकर उतारा मौत के घाट, फिर लाश कुएं में फेंकी

आगरा – बल्केश्वर निवासी 20 वर्षीय कुनाल की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या और फिर उसका शव हाथरस के सहपऊ में एक सूखे कुएं से सड़ी-गली हालत में बरामद होने से सनसनी फैल गई है। युवक को चार दिन पहले उसके ही जानकारों ने घर से बुलाया और फिर सिर पर भारी वस्तु से वार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की नीयत से कुएं में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि कुनाल की मौत सिर पर किसी भारी वस्तु से वार के कारण हुई। शव इस कदर सड़ चुका था कि डॉक्टरों के हाथ कांपने लगे और शरीर के अन्य चोटों के निशान भी साफ नहीं हो सके। शव निकालते समय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी क्योंकि शव छूते ही खाल उतर रही थी।

 

फिरौती की आशंका, कॉल के बाद बंद हुआ मोबाइल

कुनाल के परिजनों ने बताया कि 27 जून की सुबह वह स्कूटर लेकर निकला था और जल्द वापस आने की बात कहकर गया था। कुछ समय बाद मां विरमा देवी के फोन पर उसने घबराते हुए कहा कि वह हाथरस रोड पर है और कुछ लोग उसे ले जा रहे हैं, “पता नहीं कहां ले जा रहे हैं, कहीं मार न दें।” इसके तुरंत बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार ने उसी दिन तलाश शुरू कर दी और अगले दिन 28 जून को हरीपर्वत थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

 

मृतक के दोस्त और उसके प्रधान पिता हिरासत में

परिजनों ने शक जताया कि इस वारदात में दूधिया शुभम और उसके परिवार का हाथ हो सकता है, जो बीते 30 वर्षों से उनके घर में दूध सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने इसी आधार पर खंदौली इलाके के प्रधान पप्पू यादव और उनके बेटे शिवम को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में ही हत्या की परतें खुलीं और आरोपियों की निशानदेही पर शव कुएं से बरामद किया गया।

 

लोगों का फूटा गुस्सा, शव रखकर किया जाम

जब परिजनों को शव की हालत और पुलिस की ढिलाई का पता चला तो उन्होंने सुल्तानगंज की पुलिया पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। भीड़ में गुस्सा साफ दिख रहा था, लोगों का आरोप था कि पुलिस ने शुरुआती चार दिनों में लापरवाही बरती और समय रहते खोजबीन की होती तो शायद कुनाल की जान बच जाती। करीब 45 मिनट तक जाम लगा रहा और प्रशासन को हालात संभालने में दिक्कतें आईं।

 

मासूमियत की आड़ में बर्बरता

देवेंद्र प्रजापति का बेटा कुनाल बल्केश्वर में मिठाई और चाट का काम करता था और पिता के एक्सीडेंट के बाद दुकान संभाल रहा था। परिवार का कहना है कि जिस दूधिए के घर से 30 साल से दूध आता था, उसी के घरवालों ने उनकी जिंदगी छीन ली। कुनाल चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और पूरे परिवार का सहारा भी। उसकी बहन दीक्षा और मां भाई की हत्या की खबर सुनकर बेहोश हो गईं।

 

जांच जारी, रिपोर्ट आगरा भेजी गई

सीओ हिमांशु माथुर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह साफ है कि सिर पर भारी वस्तु से वार हुआ है, जिससे मौत हुई। रिपोर्ट को आगरा भेजा गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हत्यारोपियों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

इस बर्बर हत्याकांड ने न सिर्फ एक परिवार की उम्मीदें छीन लीं, बल्कि समाज में रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं — जहां दूध लाने वाले ने ही मौत परोस दी।

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