ईरान के परमाणु बंकर को नहीं भेद पाया इजराइल, पुतिन बोले- यूरेनियम संवर्धन पर असर नहीं
ईरान की नतांज, फोर्डो और बोशहर न्यूक्लियर साइट्स पर इजराइल के हमलों के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा दावा किया है कि इन हमलों से ईरान के यूरेनियम संवर्धन को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। पुतिन ने कहा कि उन्होंने बोशहर में तैनात रूस के 200 कर्मचारियों से सीधे बात की है, जिनका कहना है कि यूरेनियम संवर्धन का कार्य अब भी सुरक्षित बंकरों के भीतर जारी है। पुतिन के मुताबिक इजराइल अब तक उस बंकर को भेदने में असफल रहा है, जहां ईरान का मुख्य परमाणु कार्यक्रम संचालित हो रहा है।
पत्रकारों से बातचीत में पुतिन ने यह भी बताया कि उन्होंने इजराइल से आग्रह किया है कि ईरान में मौजूद रूसी नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे। पुतिन ने दावा किया कि इजराइल ने उन्हें आश्वस्त किया है कि रूसी कर्मचारियों को किसी भी हमले में निशाना नहीं बनाया जाएगा।
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था ने दावा किया था कि नतांज न्यूक्लियर साइट पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है, जबकि इजराइल ने फोर्डो साइट को भी भारी क्षति पहुंचाने की बात कही थी। वहीं ईरान ने कहा है कि कुछ क्षति जरूर हुई है लेकिन संवर्धन प्रक्रिया जारी है और साइट पूरी तरह नष्ट नहीं हुई है। अब तक ईरान में छह न्यूक्लियर साइट की पहचान हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश राजधानी तेहरान के आसपास स्थित हैं।
IAEI की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के पास इतना यूरेनियम इकट्ठा हो चुका है कि वह नौ परमाणु बम तैयार कर सकता है। इसी खतरे को देखते हुए इजराइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है, जिसमें उसके निशाने पर परमाणु वैज्ञानिक, सैन्य अधिकारी और यूरेनियम संवर्धन केंद्र हैं। अमेरिका ने इस कार्रवाई में इजराइल का खुलकर समर्थन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे।
इन घटनाओं के बीच रूस मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहा है। पुतिन ने यूएई के प्रमुख से बात कर ईरान और इजराइल के बीच संभावित शांति समझौते के लिए पहल की है। फिलहाल स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन कूटनीतिक प्रयास भी समानांतर रूप से जारी हैं।
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