डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के साथ अमेरिका में इमिग्रेशन पर बैन, 12 देशों के नागरिकों की एंट्री पर रोक
अमेरिका के पूर्व और अब फिर से राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी सख्त इमिग्रेशन नीति को आगे बढ़ाते हुए 12 देशों के नागरिकों की अमेरिका में एंट्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह ट्रैवल बैन सोमवार से लागू हो गया है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर उचित ठहराया जा रहा है। अफगानिस्तान, ईरान, यमन और सोमालिया जैसे देशों के नागरिक अब अमेरिका का वीजा नहीं पा सकेंगे। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि इन देशों से आतंकवादियों के आने की संभावना ज्यादा है और इनकी वीजा प्रक्रिया असुरक्षित मानी गई है।
इसके अलावा 7 और देशों — जैसे बुरुंडी, वेनेजुएला, क्यूबा, लाओस आदि — पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है, जिसके तहत कुछ विशेष श्रेणियों में वीजा प्रक्रिया को रोका गया है। ट्रंप ने कहा है कि जिन देशों से यात्रियों की पहचान करना मुश्किल है, या जिनका रिकॉर्ड सही नहीं होता, उन पर सख्ती ज़रूरी है।
हालाँकि इस फैसले को अमेरिका के भीतर और बाहर दोनों जगह तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इसे अमानवीय और असंवैधानिक करार दिया है, वहीं विदेशों में भी इसका तीखा विरोध देखने को मिला है। उदाहरण के तौर पर चाड ने अमेरिका को जवाबी कदम के तहत वीजा देना बंद करने की घोषणा कर दी है।
यह ट्रैवल बैन ट्रंप की उस पुरानी नीति की याद दिलाता है, जब उन्होंने 2017 में अपने पहले कार्यकाल में भी कई मुस्लिम-बहुल देशों पर प्रतिबंध लगाया था। ऐसे में यह फैसला न केवल अमेरिका की इमिग्रेशन नीति को एक बार फिर कठोर दिशा में ले जा रहा है, बल्कि वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है।
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