रिफॉर्म्स के नाम पर अब और नहीं चलेगा यूनुस राज, बांग्लादेश की पार्टियों ने ठुकराई चुनाव में देरी की मांग
बांग्लादेश में लंबे समय से चुनावों में हो रही देरी अब राजनीतिक दलों को रास नहीं आ रही है. अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस द्वारा चुनाव से पहले व्यापक सुधारों के नाम पर जून 2026 तक का समय मांगे जाने को देश की अधिकांश प्रमुख पार्टियों ने सिरे से खारिज कर दिया है. ढाका के जमुना गेस्ट हाउस में हुई सर्वदलीय बैठक में लगभग सभी दलों ने इस साल दिसंबर तक चुनाव कराने की मांग पर सहमति जताई और यूनुस को यह साफ संकेत दे दिया कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
BNP के स्थायी समिति सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि अगर राजनीतिक दलों में आम सहमति बन जाए, तो जरूरी चुनावी सुधार एक महीने में किए जा सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर के बाद चुनाव टालने का कोई भी वैध आधार नहीं है. अहमद ने बताया कि यूनुस के साथ बैठक के बावजूद राजनीतिक दल उनके प्रस्तावों से सहमत नहीं हुए और सभी का रुख स्पष्ट था—अब चुनाव में और देरी नहीं चलेगी.
बैठक के बाद सलाहुद्दीन ने उम्मीद जताई कि यूनुस अब राजनीतिक दलों की सामूहिक इच्छाशक्ति का सम्मान करेंगे और अपनी व्यक्तिगत सोच से ऊपर उठकर निष्पक्षता से काम करेंगे. राजनीतिक दलों का मानना है कि यदि यूनुस ने दिसंबर तक चुनाव कराने की दिशा में कदम नहीं उठाया, तो देश में उनके खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ सकता है.
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश की राजनीति अब रिफॉर्म्स के नाम पर टालमटोल की रणनीति को स्वीकार नहीं करेगी, और मोहम्मद यूनुस को मजबूरी में ही सही, जल्द चुनाव की राह पर चलना ही होगा.
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