तूफान ने लखीमपुर खीरी में मचाई भारी तबाही, पिता-पुत्री समेत तीन की मौत
लखीमपुर खीरी जिले में बुधवार सुबह आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। विभिन्न हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक बुजुर्ग महिला और एक पिता-पुत्री शामिल हैं। निघासन क्षेत्र के छेदुई पतिया फार्म गांव में रक्षपाल सिंह अपने परिवार के साथ सो रहे थे कि अचानक दीवार और छप्पर गिरने से उनकी 13 वर्षीय पुत्री रमनदीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रक्षपाल की अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में मौत हो गई। उनकी पत्नी सर्वजीत कौर, दूसरी पत्नी सीता कौर और बेटे गुरजीत घायल हुए हैं, जिनका इलाज निघासन सीएचसी में चल रहा है। वहीं, निघासन के ही गांव ग्रंट नंबर 12 में 80 वर्षीय वृद्धा फुलवासा टीनशेड के नीचे सो रही थीं कि अचानक ईंटें और टीन गिरने से उनकी भी मौत हो गई।
तेज हवाओं ने जिले भर में सैकड़ों पेड़ गिरा दिए, जिससे कई जगह सड़कों और रेलवे ट्रैक पर आवाजाही बाधित हो गई। पलिया-भीरा मार्ग पर दस से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया, जबकि पलिया से मैलानी व नानपारा के बीच रेल संचालन बंद करना पड़ा। मेलाघाट और अतरिया गांवों में पेड़ गिरने से कई घरों को नुकसान पहुंचा, एक गाय और एक बछिया की मौत हो गई। पलिया कोतवाली परिसर में खड़ी पुलिस की गाड़ियों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गईं।
आंधी-तूफान से बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। पलिया शहर में करीब 35 बिजली के पोल गिर गए, जिससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। विद्युत संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्थिति और गंभीर हो गई है, जिससे मरम्मत कार्य में देरी हो रही है। निघासन क्षेत्र के कई गांवों में फॉल्ट समय से ठीक न होने के कारण हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। एसडीएम निघासन राजीव निगम और मझगई थाना प्रभारी राजू राव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और क्षेत्रीय लेखपालों को नुकसान के सर्वे के निर्देश दिए हैं। पीड़ितों को राहत सामग्री दी जा रही है और आर्थिक सहायता की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एक्सईएन रवींद्र कुमार यादव के अनुसार, सीमित स्टाफ के साथ आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
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