April 21, 2026

दो दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी रौनक, निफ्टी 25,000 के करीब—लेकिन खतरा अभी टला नहीं!

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार, 20 मई 2025 की सुबह कुछ राहत की सांस ली, जब दो दिनों की लगातार गिरावट के बाद बाजार में हल्की तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में करीब सवा नौ बजे बीएसई सेंसेक्स 139 अंकों की बढ़त के साथ खुला, वहीं निफ्टी भी 25,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया। इस तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी, लेकिन बाजार के भीतर छिपे अनिश्चितता के बादल अब भी पूरी तरह छंटे नहीं हैं।

पिछले दो कारोबारी सत्र बाजार के लिए भारी रहे। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 271.17 अंक यानी 0.33% की गिरावट के साथ 82,059.42 पर बंद हुआ था। ट्रेडिंग के दौरान यह 366 अंक तक टूट चुका था। इसी तरह निफ्टी भी 74.35 अंक यानी 0.30% गिरकर 24,945.45 पर बंद हुआ। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक बाजारों का कमजोर रुख, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग में गिरावट रही।

दरअसल, मूडीज ने अमेरिका की सॉवरेन रेटिंग को घटाकर ‘AA1’ कर दिया है। इसके पीछे कारण बताया गया अमेरिका पर 36,000 अरब डॉलर का कर्ज। इस घटनाक्रम ने वैश्विक निवेश धारणा को झटका दिया है और इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। लेमन मार्केट्स डेस्क के एनालिस्ट गौरव गर्ग का मानना है कि अमेरिकी रेटिंग में कटौती ने निवेशकों की भावनाओं को प्रभावित किया है, जिससे भारतीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।

सोमवार को आईटी और बैंकिंग सेक्टर पर दबाव स्पष्ट दिखा। सेंसेक्स की जिन कंपनियों को नुकसान हुआ, उनमें इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स प्रमुख रहीं। हालांकि कुछ कंपनियों ने गिरावट के बीच भी मजबूती दिखाई, जैसे—पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और इंडसइंड बैंक।

इस बीच, बाजार की नजरें अब उन कंपनियों पर टिकी हैं जो आज अपने चौथी तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। इनमें बजाज ग्लोबल, एपेक्स कैपिटल एंड फाइनेंस, ऑटोमोटिव एक्सल्स, भाग्यनगर इंडिया, ब्लैकरोज इंडस्ट्री, बीएलबी लिमिटेड, क्लासिक इलेक्ट्रिकल्स, फोर्टिस हेल्थकेयर, गोदावरी पावर एंड इस्पात और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन नतीजों से बाजार की दिशा और निवेशकों की रणनीति पर अहम असर पड़ सकता है।

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