सोने-चांदी की चमक पर मंदी की छाया: निवेशकों की पसंद बदल रही है क्या?
बीते कुछ महीनों से चमकता सोना अब फीकी पड़ती नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और व्यापारिक तनावों में नरमी से सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिल रही है। निवेशकों के बीच इसे लेकर अब उतना आकर्षण नहीं बचा, जितना पहले था। नवंबर 2024 के बाद यह पहली बार है, जब सोना 3,180 डॉलर प्रति औंस से भी नीचे फिसल गया है, जबकि 23 अप्रैल को यही सोना 3,500 डॉलर प्रति औंस के पार कारोबार कर रहा था। यानी केवल कुछ ही दिनों में इसकी कीमत में लगभग 300 डॉलर की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय बाजारों में भी असर
इस अंतरराष्ट्रीय गिरावट का असर भारतीय बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार को जहां सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिला था, वहीं मंगलवार को इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई। मुंबई में 22 कैरेट सोना अब 87,560 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि 24 कैरेट सोना 95,520 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले सोमवार को 22 कैरेट सोना 87,100 रुपये और 24 कैरेट सोना 95,020 रुपये पर था।
एमसीएक्स पर भी यह उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को यहां सोना 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 93,117 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95,250 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
शहरों के ताज़ा भाव
देश के विभिन्न शहरों में भी यही रुझान देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 95,670 रुपये और 22 कैरेट 87,710 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। नोएडा में भी यही कीमतें दर्ज की गई हैं। पुणे में 22 कैरेट सोना 87,560 रुपये जबकि 24 कैरेट 95,520 रुपये में मिल रहा है। अहमदाबाद में 22 कैरेट सोना 87,610 रुपये और 24 कैरेट सोना 95,570 रुपये के दर से उपलब्ध है।
चांदी की चाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार उतार-चढ़ाव देखा गया है। सोमवार को जहां मुंबई में चांदी 1,000 रुपये की गिरावट के साथ 97,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, वहीं मंगलवार को इसके दाम में फिर से उछाल दर्ज किया गया और अब यह दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 98,100 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है। वहीं, चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिणी शहरों में चांदी की कीमत 1,09,100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
क्यों घट रहा है निवेशकों का रुझान?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत में आई गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों का इससे हटता रुझान है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में व्यापारिक तनावों की कमी, डॉलर की मजबूती और अन्य निवेश विकल्पों की उपलब्धता ने निवेशकों को सोने की जगह दूसरी जगह पूंजी लगाने को प्रेरित किया है। इसके अलावा, हाल की गिरावट से डर कर कई खुदरा निवेशक फिलहाल दूरी बना रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय में सोना अब भी एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प बना रहेगा, लेकिन फिलहाल इसके दाम में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता से कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
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