अब प्लेऑफ की रेस में थमने लगी कुछ टीमों की रफ्तार, केकेआर का भविष्य अधर में
आईपीएल 2025 अब अपने रोमांचक मोड़ पर आ पहुंचा है, जहां हर एक गेंद, हर एक रन और हर एक मैच किसी टीम का भाग्य तय कर सकता है। लीग स्टेज के अंतिम पड़ाव में, कई टीमें अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में टिकी हुई हैं, तो कुछ का सफर लगभग खत्म सा होता दिख रहा है। इसी कशमकश में एक बड़ा नाम सामने आया है — कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर)।
हाल ही में हुए बेहद अहम मुकाबले में केकेआर को चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यह हार जितनी करीबी थी, उतनी ही गहरी चोट भी दे गई। इस हार ने केकेआर की प्लेऑफ की उम्मीदों को झटका तो दिया ही, साथ ही उन्हें लगभग खाई के किनारे खड़ा कर दिया है, जहां से वापसी अब बेहद मुश्किल नजर आ रही है।
केकेआर की वर्तमान स्थिति
अभी तक केकेआर ने 12 में से 5 मुकाबलों में जीत दर्ज की है और 6 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया था। इस समय टीम अंक तालिका में छठे स्थान पर है। अब उसके पास सिर्फ दो मुकाबले बचे हैं — यानी अगर टीम दोनों मैच जीत भी जाती है, तब भी उसके अधिकतम 15 अंक ही हो सकते हैं।
15 अंक के साथ प्लेऑफ की गारंटी नहीं है। कुछ और टीमें भी हैं जो 15 अंकों तक पहुंच सकती हैं। ऐसे में मामला नेट रन रेट तक पहुंचेगा, और वहां केकेआर की स्थिति कमजोर हो सकती है।
अब हर मैच है “करो या मरो”
अब केकेआर के लिए आगे का रास्ता बेहद संकीर्ण हो चुका है। उसके दोनों बचे हुए मुकाबले घर से बाहर हैं। पहला मुकाबला 10 मई को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हैदराबाद में खेला जाएगा और दूसरा मुकाबला 17 मई को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ बेंगलुरु में। इन दोनों ही मैचों में हार का कोई विकल्प नहीं है। एक और हार और केकेआर का सफर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
अब तक कौन-कौन बाहर हुआ?
अब तक आईपीएल 2025 में तीन टीमें प्लेऑफ की दौड़ से आधिकारिक तौर पर बाहर हो चुकी हैं — चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद। वहीं, अभी तक एक भी टीम ऐसी नहीं है जो प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर चुकी हो। इससे यह साफ है कि टॉप 4 की दौड़ अब भी खुली हुई है, लेकिन सिर्फ मजबूत प्रदर्शन करने वाली टीमों के लिए।
आखिरी दौर में होगा घमासान
अब लीग के आखिरी कुछ मुकाबले सबसे अहम होने वाले हैं। जिन टीमों के पास अब भी प्लेऑफ में पहुंचने का मौका है, उनके लिए हर मैच “करो या मरो” की तरह होगा। वहीं जिन टीमों की संभावना कम है, वे दूसरी टीमों का समीकरण बिगाड़ सकती हैं।
आईपीएल का यही तो जादू है — यहां हर शाम एक नई उम्मीद और हर रात एक नया संघर्ष लेकर आती है। अब देखना होगा कि केकेआर इस मुश्किल स्थिति से कैसे बाहर निकलती है — क्या चमत्कार होगा, या टीम का सफर यहीं खत्म? जवाब आने वाले कुछ दिन तय करेंगे।
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