धमाकों से थर्राया पाकिस्तान, आसमान में उठता काला धुआं और भारत की चेतावनी – क्या यह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का असर है?
पाकिस्तान इस वक़्त खौफ के साये में जी रहा है। एक के बाद एक शहरों में हुए धमाकों ने पूरे मुल्क को हिला कर रख दिया है। कराची, लाहौर, गुजरांवाला, चक्रवाल, घोटकी, उमरकोट और अब रावलपिंडी तक—हर तरफ बस धमाके, चीख-पुकार और आसमान में उठता हुआ काला धुआं दिखाई दे रहा है। पाकिस्तानी मीडिया और प्रशासन खुद हैरान है कि ये हमले आखिर किसने किए। कई शहरों में ड्रोन से हमले की पुष्टि हुई है, लेकिन कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। इसी बीच, भारत में बैठकों का दौर जारी है और एक के बाद एक बड़ी रणनीतिक घोषणाएं हो रही हैं।
गुरुवार सुबह लाहौर में सबसे पहले तीन बड़े धमाकों की खबर आई। इसके तुरंत बाद कराची में विस्फोट हुआ। दोपहर तक रावलपिंडी, गुजरांवाला, घोटकी और चक्रवाल भी धमाकों से दहल उठे। अब उमरकोट में भी ब्लास्ट की पुष्टि हो चुकी है। पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और सियालकोट में उड़ानों पर रोक लगा दी है। शाम 6 बजे तक कोई भी फ्लाइट इन शहरों से उड़ान नहीं भरेगी। यात्रियों को एयरलाइनों से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।
इस बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पीएम आवास पर मुलाकात की। यह बैठक करीब एक घंटे चली, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ आगे की रणनीति पर मंथन हुआ। इसके बाद पीएम मोदी ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से भी मुलाकात की। हालात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।
बैठक में सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं, जिनमें अब तक करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सरकार का साफ कहना है कि भारत इस मामले को और नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तो भारत पीछे नहीं हटेगा।
इन घटनाओं के बीच एक और चिंताजनक खबर जम्मू-कश्मीर से आई है। पुंछ में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया, जिसमें 13 लोगों की मौत और 59 लोग घायल हुए हैं। वहीं रियासी ज़िले के रामबन में भारी बारिश के चलते बगलिहार जलविद्युत परियोजना के दो गेट खोल दिए गए हैं, जिससे चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर भी अब अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि पाकिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया। दर्शन के लिए गए 491 श्रद्धालुओं को वापस भेज दिया गया है, और कॉरिडोर अगले आदेश तक बंद रहेगा।
इन घटनाओं के बीच भारत-पाक तनाव चरम पर पहुंच चुका है। भारत ने साफ कर दिया है—अगर पाकिस्तान नहीं मानता, तो भारत भी अब पीछे नहीं हटेगा।
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