लखनऊ में अंबेडकर मूर्ति हटाने पर बवाल, ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प

लखनऊ के महिंगवा थाना क्षेत्र के खंतरी गांव में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति हटाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ग्राम समाज की जमीन पर तीन दिन पहले ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर स्थापित की गई मूर्ति को प्रशासन ने अवैध बताते हुए हटाने की कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और स्थिति बेकाबू हो गई।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ ग्रामीणों को चोटें आईं। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह मूर्ति उनकी आस्था से जुड़ी है और प्रशासन जबरदस्ती इसे हटा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी भावनाओं का दमन कर रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर बिना अनुमति के मूर्ति लगाना कानून का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

पथराव और विरोध के बाद सैकड़ों ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और बुज़ुर्ग भी शामिल हैं, पहाड़पुर चौराहे पर धरने पर बैठ गए हैं। पुलिस ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है और उच्च अधिकारी लगातार घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा है कि मामले का संज्ञान लिया जा चुका है और मौके पर एसडीएम बीकेटी सहित पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ मौजूद हैं। लोगों से बातचीत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल गांव का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

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