लखनऊ के मशहूर बाजपेई कचौड़ी स्टॉल पर जीएसटी विभाग की छापेमारी, चार घंटे तक चली जांच
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में शुक्रवार की सुबह आम दिनों की तरह ही हलचल भरी थी। बाजपेई कचौड़ी की दुकान पर हमेशा की तरह ग्राहकों की भीड़ लगी थी—कुछ लोग स्वादिष्ट कचौड़ी का लुत्फ ले रहे थे, तो कुछ अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक माहौल में हलचल मच गई। जीएसटी विभाग की करीब 10 अधिकारियों की टीम दुकान पर छापेमारी के लिए पहुंच गई।
टीम के आने के बाद ग्राहकों और स्टाफ के बीच अफरातफरी मच गई। छापेमारी की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। अधिकारियों ने दुकान और उससे जुड़े गोदाम दोनों जगह एक साथ कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले कर्मचारियों को काम बंद करने का निर्देश दिया गया और फिर दस्तावेजों की गहन जांच शुरू हुई।
छापेमारी करीब चार घंटे तक चली, जिसमें बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, मशीनें, बैंक डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री की जांच की गई। अधिकारियों को दस्तावेजों में कई अनियमितताएं और गड़बड़ियां मिलीं। जांच के बाद कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए गए।
हालांकि दुकान को सील नहीं किया गया, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आगे इस मामले में कार्रवाई की जा सकती है। दुकान के मालिक घनश्याम बाजपेई ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें छापेमारी की कोई जानकारी नहीं थी। शायद किसी ने शिकायत की होगी। हमने जो भी दस्तावेज और जानकारी मांगी गई, वह सब उपलब्ध करा दी है।”
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की ओर से जो भी बिंदु उठाए गए हैं, उन्हें लिखित में दिया गया है और उसका जवाब नियमानुसार दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने 3 लाख रुपये का एडवांस जीएसटी उसी दिन जमा कर दिया है।
बाजपेई ने कहा, “हमारा उद्देश्य हमेशा नियमों का पालन करते हुए कारोबार करना है। उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।”
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