Anant Ambani Padyatra: 170 KM पैदल यात्रा… हर रात 7 घंटे पैदल…
सांस की बीमारी और मोटापे के बावजूद अनंत अंबानी आखिर क्यों कर रहे हैं ये कठिन सफर?
देश की सबसे बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक और मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी इन दिनों एक खास वजह से सुर्खियों में हैं। वो वजह है उनकी 170 किलोमीटर लंबी धार्मिक पदयात्रा, जो गुजरात के जामनगर से शुरू होकर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका तक पहुंचती है। लेकिन ये सिर्फ एक सामान्य तीर्थ यात्रा नहीं है—ये एक आस्था, संकल्प, और आत्मबल की कहानी है, जिसमें शामिल हैं भक्ति, संघर्ष और आत्म-परिवर्तन की झलक।
29 मार्च को शुरू की पदयात्रा
अनंत अंबानी ने अपनी यह धार्मिक पदयात्रा 29 मार्च 2025 को जामनगर से शुरू की। जानकारी के मुताबिक वे रोजाना करीब 20 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं और हर रात लगभग 7 घंटे इस कठिन सफर में बिता रहे हैं। इस पदयात्रा का अंतिम पड़ाव भगवान द्वारकाधीश का पवित्र मंदिर है, जहां वे 10 अप्रैल को अपने 30वें जन्मदिन के मौके पर विशेष पूजा करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि वह 8 अप्रैल तक द्वारका पहुंच सकते हैं।
भक्ति से भरी यात्रा: हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ
यह पदयात्रा केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि पूरी तरह आध्यात्मिक अनुभव भी है। अनंत अंबानी इस यात्रा के दौरान लगातार हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और देवी स्तोत्र का जाप कर रहे हैं। रास्ते में उन्हें देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए हजारों लोग जुट रहे हैं। स्थानीय लोगों द्वारा उनका स्वागत, पूजा-पाठ और भगवान द्वारकाधीश की तस्वीरें भेंट करना, यह दर्शाता है कि लोगों के दिल में इस यात्रा के लिए कितना सम्मान है।
बीमारी को दी मात, बने प्रेरणा
इस पदयात्रा को खास बनाता है अनंत अंबानी का स्वास्थ्य से जुड़ा संघर्ष। उन्हें क्रोनिक अस्थमा, कुशिंग सिंड्रोम, मोटापा और फेफड़ों की गंभीर बीमारियां हैं। इन समस्याओं के चलते उन्हें वर्षों से दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ा, जिसका असर उनके वजन पर भी पड़ा। लेकिन इन सबके बावजूद अनंत ने इस कठिन पदयात्रा को शुरू कर आस्था और आत्मबल का उदाहरण पेश किया है। यह किसी आम व्यक्ति के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है कि अगर मन में विश्वास हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता आसान हो सकता है।
बाबा बागेश्वर भी हुए शामिल
इस पदयात्रा के दौरान बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री भी अनंत अंबानी से मिलने पहुंचे और उन्हें एक धार्मिक चित्र भेंट किया। बाबा बागेश्वर की मौजूदगी ने इस यात्रा को और भी विशेष बना दिया, और कई भक्त उनके साथ पैदल चलने लगे।
द्वारकाधीश मंदिर में जन्मदिन
अनंत अंबानी का 30वां जन्मदिन इस बार बेहद विशेष और आध्यात्मिक होने वाला है। वे अपने जन्मदिन पर द्वारकाधीश मंदिर में पहुंचकर विशेष पूजा करेंगे। द्वारकाधीश मंदिर, जो चार धामों में गिना जाता है, भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है और वैष्णव भक्तों के लिए अत्यंत पूजनीय स्थल है। अनंत की भगवान श्रीकृष्ण में गहरी आस्था है और वे पहले भी कई धार्मिक स्थलों का दर्शन कर चुके हैं।
कारोबारी ज़िम्मेदारियों के साथ धार्मिक रुझान
धार्मिक आस्था के साथ-साथ अनंत अंबानी रिलायंस के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं, जिसमें रिफाइनरी बिजनेस और नई ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने “वंतारा” नाम से एक पशु संरक्षण केंद्र भी शुरू किया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
एक नई सोच की शुरुआत
अनंत अंबानी की यह पदयात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, भक्ति और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक बन चुकी है। एक ऐसा युवा, जो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझता रहा, आज भगवान की भक्ति में लीन होकर खुद को औरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना चुका है।
इस पदयात्रा से यह संदेश मिलता है कि धन, शक्ति और पहचान के बावजूद जब कोई व्यक्ति आस्था और विनम्रता के मार्ग पर चलता है, तो वह समाज में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। अनंत अंबानी की यह पदयात्रा आज पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है।
तो क्या यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा है, या फिर खुद से जुड़ने की एक सशक्त कोशिश? इसका जवाब शायद द्वारका पहुंचकर ही मिलेगा।
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