नवरात्रि के पहले दिन बिहार के दरभंगा में शोभायात्रा पर पथराव, पुलिस ने स्थिति को किया नियंत्रण में
बिहार के दरभंगा जिले के केवटगामा पछियारी इलाके में नवरात्रि के पहले दिन एक गंभीर घटना घटी, जब दुर्गा मंदिर से कलश स्थापना कर लौट रहे श्रद्धालुओं की शोभायात्रा पर कुछ समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में हुई इस पत्थरबाजी के बाद शोभायात्रा में शामिल लोगों में अफरा-तफरी मच गई, और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। यह अप्रत्याशित हमला न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं के लिए डर का कारण बना, बल्कि इस घटना ने इलाके में सामुदायिक तनाव की आशंका भी पैदा कर दी।
पथराव से मच गई भगदड़, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की
घटना के बाद क्षेत्र में भारी अफरातफरी फैल गई, और लोग अपने जीवन की सुरक्षा के लिए दौड़ने लगे। घटनास्थल पर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया। पुलिस ने बड़ी संख्या में बल को मौके पर भेजा और शांति बनाए रखने के लिए लोगों से अपील की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला अचानक हुआ था, जब श्रद्धालुओं की शोभायात्रा मंदिर से लौट रही थी, और कुछ लोग छतों से पत्थर फेंकने लगे, जिससे भीड़ में भगदड़ मच गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और कुशेश्वरस्थान थाना समेत आसपास के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति को शांति पूर्वक नियंत्रित कर लिया गया। दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जगन्नाथ रेड्डी ने कहा, “स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अधिकारियों ने शांति की अपील की, जांच जारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ने भी स्थिति को सामान्य बताते हुए कहा कि इलाके में अब शांति है और किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की। पुलिस ने जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की कि पथराव के पीछे का मकसद क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
इस घटना ने न केवल नवरात्रि के पवित्र मौके पर धार्मिक उत्सव की शांति को भंग किया, बल्कि इलाके में सामुदायिक तनाव की संभावना भी पैदा कर दी। पुलिस ने पहले ही इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में न लें।
पंचायत के पूर्व मुखिया का बयान
पंचायत के पूर्व मुखिया आलोक कुमार उर्फ विकास कुमार ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “होली के दिन भी समुदाय विशेष के लोगों ने होली खेल रहे युवाओं को घायल कर दिया था, हालांकि बाद में बातचीत करके मामला सुलझा लिया गया था। अब नवरात्रि के पहले दिन कलश शोभायात्रा से लौट रही भीड़ पर पथराव किया गया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और स्थिति को सामान्य कर लिया है।”
वहीं, पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान के लिए पूछताछ जारी है। प्रशासन का कहना है कि इस घटना में शामिल लोगों को जल्द ही चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
आगे की कार्रवाई और प्रशासन की तैयारियां
वर्तमान में पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और स्थिति पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की सामुदायिक नफरत और हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
यह घटना न केवल स्थानीय लोगों को परेशान कर रही है, बल्कि इससे क्षेत्र में भय का माहौल भी बन गया है। अब प्रशासन और पुलिस की मुख्य चुनौती यह होगी कि वे इलाके में शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की सामुदायिक हिंसा को बढ़ने से रोक सकें।
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