“बिजली गुल, मंत्री के तेवर गरम! – ‘ट्रांसफार्मर फुंका तो अधिकारी भी फुंकेगा'”
मऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत मऊ पहुंचे, लेकिन यहां बिजली विभाग की लापरवाही ने उनके सब्र का इम्तिहान ले लिया। सरकार की उपलब्धियों को गिनाने आए मंत्री का भाषण बिजली गुल होते ही अधेरे में चला गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद मंत्री के तेवर गरम हो गए और उन्होंने मंच से ही बिजली विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगा दी।
बिजली गुल होते ही मंच पर छा गया अंधेरा
कार्यक्रम के दौरान जब ऊर्जा मंत्री मंच से प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को गिना रहे थे, तभी अचानक बिजली चली गई। पूरा पंडाल अंधेरे में डूब गया। स्थिति ऐसी हो गई कि वहां मौजूद लोगों को मोबाइल टॉर्च जलाकर रोशनी करनी पड़ी, ताकि मंत्री अपना भाषण पूरा कर सकें। इस वाकये ने बिजली विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया, जिससे नाराज मंत्री ने सख्त कार्रवाई के संकेत दे दिए।
“अब गलती बर्दाश्त नहीं होगी” – ऊर्जा मंत्री का कड़ा संदेश
बिजली गुल होने की घटना ने मंत्री को इतना आक्रोशित कर दिया कि उन्होंने मंच से ही बिजली विभाग के अफसरों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा, “अब अगर कोई ट्रांसफार्मर जलता है, तो उसके साथ एक अधिकारी भी फुंकेगा!” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
मंत्री के मंदिर दर्शन में भी अंधेरा – जूता गुम!
ऊर्जा मंत्री जब कार्यक्रम के बाद मंदिर में दर्शन करने पहुंचे, तो वहां भी अंधेरा उनका पीछा नहीं छोड़ रहा था। अंधेरे में मंत्री का जूता गुम हो गया, जिसे मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में ढूंढा गया। यह पूरा घटनाक्रम बिजली विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
दो अधिकारियों पर गिरी गाज, जांच जारी
बिजली गुल होने की घटना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों – एसडीओ और जेई को निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, दो अन्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मंत्री ने साफ कर दिया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली विभाग में बड़े स्तर पर गिरेगी गाज?
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक बिजली विभाग में 3,300 से अधिक कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के चलते नौकरी से निकाला जा चुका है, जबकि 8,590 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें करीब 50 सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं।
सरकार के 8 साल पूरे – लेकिन बिजली व्यवस्था सवालों के घेरे में
योगी सरकार के आठ साल पूरे होने पर जहां प्रदेश भर में सरकार की उपलब्धियों का बखान किया जा रहा है, वहीं बिजली विभाग की इस लापरवाही ने सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता तक अपनी उपलब्धियों को पहुंचाने आए मंत्री को ही बिजली गुल होने का सामना करना पड़ा, जिससे न केवल प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई, बल्कि सरकार की बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद ऊर्जा मंत्री के निर्देशों पर किस स्तर तक अमल किया जाता है और बिजली विभाग की कार्यशैली में कितनी पारदर्शिता लाई जाती है।
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