आरओ/ एआरओ परीक्षा में अभ्यर्थियों को मिलेगा मंडल से बाहर परीक्षा केंद्र, कड़े सुरक्षा इंतजाम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा की तरह ही आरओ/ एआरओ की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जायेगी। परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए एक अहम बदलाव किया गया है। इस बार अभ्यर्थियों को अपने जिले में परीक्षा देने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि उन्हें परीक्षा केंद्र मंडल से बाहर मिलेगा। पुरुष अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र उनके मंडल से बाहर निर्धारित किया जाएगा, जबकि महिला अभ्यर्थियों को मंडल के भीतर दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
महिलाओं के लिए मंडल में दूसरे जिले का चयन
इस नए नियम के अनुसार, जहां पहले कुछ अभ्यर्थी अपने जिले के ही परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देते थे, वहीं अब उन्हें अपने जिले से बाहर जाने की आवश्यकता होगी। पुरुषों के लिए तो यह पहले से ही स्पष्ट था, लेकिन अब महिलाओं को भी अपने मंडल के अंदर ही एक दूसरे जिले में परीक्षा केंद्र मिलेगा। इस बदलाव से परीक्षा के आयोजन को ज्यादा व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाने की कोशिश की जा रही है।
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर सख्त इंतजाम
इस बार परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयोग ने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा पेपर लीक होने की घटनाओं के मद्देनजर, आयोग ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न केवल परीक्षा केंद्रों, बल्कि परीक्षा के आयोजन से लेकर प्रश्नपत्रों के वितरण तक हर चरण पर विशेष निगरानी रखने का फैसला लिया गया है।
10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा में होंगे शामिल
इस साल पीसीएस-2024 के लिए कुल 411 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, और इन पदों के लिए 10,76,004 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस बड़े पैमाने पर होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा के आयोजन और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
क्या होगा अगला कदम?
परीक्षा के आयोजन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग के द्वारा लगातार अपडेट्स जारी किए जा रहे हैं। परीक्षा से जुड़े सभी मामले आयोग की कड़ी निगरानी में होंगे और अभ्यर्थियों के लिए हर प्रकार की जानकारी समय-समय पर साझा की जाएगी। परीक्षा के बाद परिणाम की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद की संभावना कम हो सके।
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