महाकुंभ में महिलाओं के स्नान के वीडियो बेचने वाले हैकर्स का गैंग उजागर, प्रयागराज से गुजरात-महाराष्ट्र तक फैला मामला
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजन के बीच कुछ असामाजिक तत्व महिलाओं के स्नान से जुड़ी वीडियो क्लिप्स सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के साथ-साथ इन्हें डार्क वेब पर भी बेचने का काम कर रहे हैं। यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने इन आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार और बिक्री को लेकर जांच शुरू की।
महाकुंभ के दौरान महिलाओं के स्नान के वीडियो की खरीद-फरोख्त का मामला अब एक बड़े साइबर अपराध में तब्दील हो चुका है। इन वीडियो को डार्क वेब पर बेचे जाने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्शन लेना शुरू कर दिया। जांच अब प्रयागराज से गुजरात और महाराष्ट्र तक फैल चुकी है, और इसके पीछे एक अंतरराष्ट्रीय हैकर गैंग का हाथ होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
सात समंदर पार पहुंचा वीडियो बेचने का नेटवर्क
गुजरात पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लातूर जिले के एक युवक, प्रणव तेली, का नाम इस मामले में सामने आया है, जो विदेशी हैकर्स के संपर्क में था। आरोपी ने प्रयागराज के मॉल्स और अस्पतालों के वीडियो शूट किए और उन्हें डार्क वेब पर बेचने के लिए रोमानिया और एटलांटा के हैकरों के साथ मिलकर काम किया। यह नेटवर्क इतना बड़ा था कि वीडियो की खरीद-बिक्री सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि ये विदेशों तक भी पहुंच रही थी।
गुजरात और महाराष्ट्र के अस्पतालों और मॉल्स में भी इसी प्रकार के वीडियो बनाए जाते थे, जहां महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। यह वीडियो टेलीग्राम पर विभिन्न अकाउंट्स के जरिए बेचे जाते थे, जिनकी सदस्यता शुल्क 2,000 से 4,000 रुपये तक थी। इस प्रक्रिया में उपयोगकर्ता वीडियो को देखने के लिए भुगतान करते थे, जबकि अपराधी इससे पैसे कमाते थे।
पुलिस ने सख्त एक्शन लिया, 13 एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए अब तक 13 एफआईआर दर्ज की हैं। लातूर से जुड़े आरोपी के बैंक अकाउंट में विदेशों से पैसे ट्रांसफर होने का मामला भी सामने आया है। इसके बाद गुजरात और प्रयागराज पुलिस की संयुक्त टीम ने इस साइबर अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू की। साइबर पुलिस सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पेट्रोलिंग कर रही है और किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
यह मामला अब सिर्फ महाकुंभ तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़ी साजिश का रूप ले चुका है, जो आने वाले दिनों में और भी खुलासे करने की संभावना रखता है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी जारी रखी जाएगी।
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