June 10, 2026

IPL टीमों और भारतीय दिग्गजों का ‘द हंड्रेड’ में निवेश: ECB के CEO का बड़ा बयान, पाकिस्तानी और भारतीय खिलाड़ियों को लेकर नई उम्मीदें!

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) को आर्थिक संकट के बीच एक बड़ी राहत मिली है, जब भारतीय Premier League (IPL) की चार प्रमुख टीमों और भारतीय टेक्नोलॉजी के दिग्गजों ने इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ क्रिकेट लीग में भारी निवेश किया। इस निवेश के बाद ECB की वित्तीय स्थिति को लेकर राहत की उम्मीदें जताई जा रही हैं।

ईसीबी के CEO रिचर्ड गोल्ड ने हाल ही में भारतीय और पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि IPL टीमों के द हंड्रेड से जुड़ने के बाद भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना था कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड सुनिश्चित करेगा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों के लिए यह लीग एक खुला अवसर बने, बिना किसी बाहरी प्रभाव के।

गोल्ड ने भारतीय खिलाड़ियों के बारे में भी टिप्पणी की और कहा कि उनका मानना है कि भविष्य में कुछ समय बाद भारतीय खिलाड़ी ‘द हंड्रेड’ में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में बीसीसीआई भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी लीग्स में खेलने की अनुमति नहीं देती है। बावजूद इसके, गोल्ड का कहना था कि कुछ समय बाद अगर भारतीय खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा बनते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होगी।

यहां तक कि, IPL की चार टीमों – लखनऊ सुपर जाइंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स ने ‘द हंड्रेड’ लीग की चार टीमों में 300 मिलियन पाउंड का निवेश किया है। इसके अलावा, चार भारतीय टेक दिग्गजों – सुंदर पिचाई (गूगल के CEO), शांतनु नारायण (एडोब के CEO), सत्या नडेला (माइक्रोसॉफ्ट के CEO) और सत्यन गजवानी (सह-संस्थापक, मेजर लीग क्रिकेट) ने भी इस लीग में हिस्सेदारी खरीदने के लिए 144.5 मिलियन पाउंड खर्च किए हैं। कुल मिलाकर, IPL टीमों और इन भारतीय निवेशकों का निवेश 444.5 मिलियन पाउंड (48,44,31,65,750 रुपये) का है।

क्या ‘द हंड्रेड’ क्रिकेट लीग में भारतीय खिलाड़ियों का खेल भविष्य में बदल सकता है?

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