पुलवामा आतंकवादी हमले को 6 साल: टीम इंडिया ने शहीदों के सम्मान में क्या किया खास? जानिए पूरी कहानी
14 फरवरी 2019, भारत के इतिहास में एक काले दिन के रूप में याद किया जाता है, जब जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाया था, जिससे करीब 40 जवान शहीद हो गए थे। आज, 6 साल बाद भी पुलवामा हमले की यादें ताजातरीन हैं और पूरे देश में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
टीम इंडिया ने किया खास सम्मान
इस हमले के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने शहीदों के सम्मान में एक बड़ा और भावुक कदम उठाया था। 2019 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली गई वनडे सीरीज के दौरान, भारतीय टीम ने शहीद सीआरपीएफ जवानों को सम्मानित करने के लिए एक सैन्य टोपी पहनी। यह टोपी किसी सामान्य कैप से कहीं ज्यादा थी, यह एक सैन्य टोपी थी, जिसका उद्देश्य पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करना था।
आईसीसी से मिली थी अनुमति
बीसीसीआई ने इस विशेष कैप पहनने के फैसले से पहले आईसीसी से अनुमति ली थी, और आईसीसी ने यह पुष्टि करते हुए कहा था कि यह कदम मैच के नियमों का उल्लंघन नहीं है। इस कैप को टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने गर्व और सम्मान के साथ पहना, और कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि यह कैप पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए है।
विराट कोहली का भावुक संदेश
टॉस से पहले, विराट कोहली ने इस पहल के बारे में कहा था, “यह एक विशेष कैप है। यह पुलवामा हमले के शहीदों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए है। सभी खिलाड़ियों ने इस विशेष खेल से अपनी मैच फीस नेशनल डिफेंस फंड में दान करने का फैसला किया है। मैं, टीम के कप्तान के रूप में, देश के सभी लोगों से यही आग्रह करूंगा कि वे भी ऐसा ही करें और जितना हो सके उतना दान करें, ताकि हम शहीदों के परिवारों की मदद कर सकें और उनके बच्चों की शिक्षा और कल्याण में योगदान दे सकें।”
टीम इंडिया ने दान किया एक करोड़ से ज्यादा
इस मैच के बाद, टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने अपनी मैच फीस को नेशनल डिफेंस फंड में दान करने का फैसला लिया था। उस समय, एक वनडे मैच की फीस 8 लाख रुपए थी, जबकि बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को 4 लाख रुपए मिलते थे। टीम इंडिया ने लगभग 1.04 करोड़ रुपए दान किए, जो कि शहीदों के परिवारों के लिए एक बड़ी मदद साबित हुई। यह पहल भारतीय क्रिकेटरों की देशभक्ति और शहीदों के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाती है।
धोनी की भूमिका
इस पहल की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के दिग्गज महेन्द्र सिंह धोनी ने की थी। धोनी ने ही बाकी खिलाड़ियों को सैन्य टोपी भेंट की और इस विशेष खेल का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उनके नेतृत्व में, टीम इंडिया ने इस भावुक मौके को एकता और देशभक्ति का प्रतीक बना दिया।
न केवल एक खेल, बल्कि एक भावनात्मक श्रद्धांजलि
यह सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि एक बहुत ही भावनात्मक और विशेष श्रद्धांजलि थी, जो भारत और भारतीय क्रिकेट की एकता, समर्पण और देश के प्रति निष्ठा का प्रतीक बनी। पुलवामा हमले के शहीदों की यादें हमेशा भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़ी रहेंगी, और उनकी श्रद्धांजलि के रूप में उठाए गए इस कदम को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।
क्या हमले में शहीद हुए जवानों की क़ुर्बानी को हमेशा याद रखा जाएगा?
— इस सवाल का जवाब हम सब जानते हैं।
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