FY26 में महंगाई पर राहत: RBI ने घटाया रिटेल इन्फ्लेशन का अनुमान, गोल्ड लोन पर भी आएगी नई पॉलिसी
नई दिल्ली: आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए रिटेल महंगाई (CPI Inflation) के अनुमान में कटौती की है। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में महंगाई की दर काबू में रहेगी और आम आदमी की जेब पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, RBI ने गोल्ड लोन को लेकर भी एक बड़ी घोषणा की है।
FY26 के लिए महंगाई अनुमान कितना?
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान बताया कि रिटेल महंगाई में गिरावट का ट्रेंड जारी रहेगा। नए अनुमानों के मुताबिक:
Q1 (अप्रैल-जून): 3.6% (पहले 4.5%)
Q2 (जुलाई-सितंबर): 3.9% (पहले 4%)
Q3 (अक्टूबर-दिसंबर): 3.8% (पहले के समान)
Q4 (जनवरी-मार्च): 4.2% (पहले 4.4%)
यह गिरावट ऐसे समय में आ रही है जब नीति निर्माता महंगाई नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक विकास बनाए रखने पर भी फोकस कर रहे हैं। अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है।
गोल्ड लोन के लिए एक समान नीति लाएगा RBI
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह भी घोषणा की कि गोल्ड लोन (Gold Loan) को लेकर जल्द ही एक कॉमन पॉलिसी लाई जाएगी, जो बैंकों और एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों) दोनों पर लागू होगी। उन्होंने बताया कि,
> “स्वर्ण आभूषणों और गहनों को गिरवी रखकर दिए जाने वाले लोन को लेकर अलग-अलग संस्थानों की नीतियां अलग हैं। अब RBI एक समान और व्यापक गाइडलाइंस लाने जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी।”
क्या होगा असर?
महंगाई में कमी से खुदरा उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
EMI पर ब्याज दरें स्थिर रहने की संभावना है।
गोल्ड लोन से जुड़े नियम स्पष्ट होंगे, जिससे ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
निष्कर्ष: RBI के इस कदम से न सिर्फ महंगाई पर नियंत्रण का संकेत मिलता है, बल्कि गोल्ड लोन जैसे प्रचलित क्रेडिट साधन को लेकर भी पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। आम लोगों के लिए यह खबर निश्चित ही राहत भरी है।
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