18 जनवरी की शाम बहराइच में महाराज सिंह इंटर कॉलेज स्टेडियम के सामने का नजारा बेहद खास था। तीर्थराज प्रयाग में 19 जनवरी को आयोजित विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के शक्ति समागम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बहराइच से 51 बहनों की टोली को पूरे सम्मान के साथ विदा किया गया। इस टोली का नेतृत्व विभाग अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार दुबे ने किया।

 

सायं 6:00 बजे के समय, स्टेडियम के सामने का माहौल देशभक्ति और धार्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत था। मातृशक्ति की इस टोली को विदा करने के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रमुख पदाधिकारियों ने विशेष रूप से हिस्सा लिया। विदाई समारोह में जय श्री राम के गगनभेदी नारों के बीच पुष्प वर्षा की गई और यात्रा की सफलता की कामना की गई।

 

इस शुभ अवसर पर विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह समरसता प्रमुख राजकुमार सोनी, प्रांत मातृशक्ति सह संयोजिका रागिनी श्रीवास्तव, जिला संरक्षक सदा शंकर श्रीवास्तव, जिला उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, जिला सह बजरंग दल संयोजक बृजेश मिश्रा, जिला सेवा प्रमुख सत्यदेव गुप्ता, जिला सत्संग प्रमुख विश्व मित्र बाजपेई, और जिला मातृशक्ति संयोजक दीपा श्रीवास्तव सहित कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। इन सभी ने टोली की बहनों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें पुष्प अर्पित करते हुए शुभकामनाएं दीं।

 

यात्रा की सुचारू व्यवस्था और टोली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संगठन ने विशेष तैयारियां की थीं। जिला कार्य अध्यक्ष अजय कुमार सिंह और जिला सेवा सह मंत्री कामेश गुप्ता को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गईं और उन्हें टोली के साथ भेजा गया। इनकी देखरेख में यात्रा की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

 

19 जनवरी को प्रयागराज में आयोजित होने वाला शक्ति समागम कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धर्म और महिलाओं की शक्ति का प्रदर्शन भी है। विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी द्वारा आयोजित इस समागम का उद्देश्य महिलाओं को धर्म, राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में जागरूक और सशक्त बनाना है।

 

बस प्रस्थान के दौरान उत्साह का माहौल देखते ही बनता था। जय श्री राम के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। इस विदाई समारोह में श्रद्धा, उत्साह, और संगठन की एकता का अद्भुत संगम देखा गया।

 

मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की यह टोली अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान प्रयागराज में शक्ति समागम में भाग लेगी। इस आयोजन से न केवल महिलाओं के सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म की जड़ों को भी मजबूती प्रदान की जाएगी।

 

इस आयोजन के माध्यम से विश्व हिंदू परिषद ने यह संदेश दिया है कि मातृशक्ति समाज की नींव है, और जब यह शक्ति संगठित होकर कार्य करती है, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है।

 

यात्रा के प्रस्थान का यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि जब धार्मिकता और संगठन शक्ति एक साथ आते हैं, तो हर कार्य अपने आप सफल हो जाता है। अब सभी की निगाहें 19 जनवरी को आयोजित शक्ति समागम पर हैं, जो न केवल आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि समाज को एकजुटता और शक्ति का नया संदेश देगा।

Share this content:

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!