May 1, 2026

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने से मचा हाहाकार, अब तक 4 की मौत

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में मंगलवार को बादल फटने से तबाही का मंजर देखने को मिला। अचानक आए सैलाब और मलबे ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि कई मकान बह गए हैं। प्रभावित इलाकों में अफरातफरी का माहौल है और लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

 

भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति के चलते माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी असर पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हेलीकॉप्टर सेवा और ई-कार सेवा फिलहाल रोक दी गई है। वहीं, कटरा-संगर रेलवे स्टेशन के पास टनल नंबर 16 पर भूस्खलन की वजह से रेल सेवाएं ठप हो गई हैं। ट्रैक पर मलबा गिरने से ट्रेनों की आवाजाही रुक गई और यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ रहा है।

 

भदरवाह इलाके के ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। हालांकि मंदिर के पुजारियों और अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसके बावजूद मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा और बहाली का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है।

 

डोडा के अलावा किश्तवाड़ और उधमपुर में भी बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। उधमपुर जिले के बसंतगढ़ में बग्गन नाले में आए बाढ़ के कारण मवेशी चराने गए 8 लोग फंस गए। SHO बसंतगढ़ ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित स्थान पर फंसे हैं और पुलिस व राहत दल मौके पर पहुंच चुके हैं। वहीं, चरवा इलाके में भी पानी भर गया है, हालांकि यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

 

लगातार हो रही भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। डिप्टी कमिश्नर हरविंदर सिंह ने जानकारी दी कि चेनाब नदी से जुड़े इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। एनएच-244 का एक बड़ा हिस्सा बह गया है और एक प्राइवेट हेल्थ सेंटर को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि लोग बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें और नदी-नालों के पास जाने से बचें।

 

मौसम खराब होने की वजह से जम्मू-कश्मीर में 27 अगस्त को आयोजित होने वाली 10वीं और 11वीं की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं। राज्य भर के स्कूलों को फिलहाल बंद रखने का आदेश जारी हुआ है। फिलहाल बचाव और राहत कार्य जारी हैं और प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

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