April 21, 2026

शाहजहांपुर: होली के जुलूस में जूतों की बरसात, पुलिस पर हमला, लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़

शाहजहांपुर में होली के रंगों के बीच बड़ा बवाल, सुरक्षा बलों पर जूते-चप्पल फेंके, पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा

 

शाहजहांपुर में होली के अवसर पर निकाले गए पारंपरिक बड़े लाट साहब के जुलूस में इस बार हुड़दंगियों ने हद पार कर दी। रंगों के इस उत्सव को कुछ असामाजिक तत्वों ने उग्र रूप दे दिया, जब उन्होंने पुलिस और सुरक्षा बलों पर जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। मामला इतना बढ़ गया कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

 

यह हंगामा दो अलग-अलग स्थानों पर हुआ। पहला मामला सदर बाजार थाना क्षेत्र के खेरनीबाग इलाके में सामने आया, जहां जुलूस में पीछे चल रहे कुछ युवाओं के झुंड ने अचानक आरएएफ के जवानों पर जूते-चप्पल फेंकना शुरू कर दिया। जवानों ने पहले स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ अनियंत्रित हो गई, तो फोर्स ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा।

 

दूसरी घटना घंटाघर के पास घटी, जहां पहले से बड़ी संख्या में लोग जमा थे। जैसे ही आरएएफ के जवान पहुंचे, कुछ शरारती तत्वों ने उन पर जूते-चप्पल फेंकने शुरू कर दिए। हालात बिगड़ते देख सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। लाठीचार्ज होते ही वहां भगदड़ मच गई और हुरियारे इधर-उधर भागने लगे।

 

भैंसागाड़ी पर निकली लाट साहब की सवारी, रंग और जूतों से हुआ स्वागत

 

शुक्रवार को लाट साहब का पारंपरिक जुलूस भैंसागाड़ी पर सवार होकर निकाला गया, लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग ही था। रंगों की बौछार के बीच जूतों और चप्पलों की बरसात भी देखने को मिली। आरएएफ के जवानों ने लाट साहब को घेरकर सुरक्षा दी, जबकि पुलिस ने पूरे मार्ग पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की।

 

जुलूस की शुरुआत शुक्रवार सुबह कूंचा लाला से हुई, जहां लाट साहब ने पहले चौकसीनाथ मंदिर में शीश नवाया। इसके बाद उन्हें भैंसागाड़ी पर सवार कराया गया और जुलूस को पूरे शहर में घुमाया गया।

 

जुलूस के प्रमुख मार्ग:

 

चौक कोतवाली, जहां कोतवाल ने सलामी दी।

 

सराफा बाजार, चारखंभा, केरूगंज, मिशन स्कूल, जेल से जीआईसी होते हुए विश्वनाथ मंदिर।

 

शहीद पार्क, एसपी कॉलेज, पंखी चौराहा, बहादुरगंज पंचराहा, सदर बाजार थाना, कालीचरन रोड, बंगश से वापस कूंचा लाला।

 

 

सुरक्षा के सख्त इंतजाम, धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढका गया

 

जुलूस को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। संभावित तनाव को भांपते हुए प्रशासन ने धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढक दिया था और संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग कराई गई।

 

हालांकि, सुरक्षा के तमाम इंतजामों के बावजूद हुड़दंगियों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। जूतों और चप्पलों की बरसात के बीच पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे वहां हड़कंप मच गया। लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते जुलूस बिना किसी बड़ी अनहोनी के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

 

पुलिस की सख्त चेतावनी, हुड़दंगियों की होगी पहचान

 

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बवाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ड्रोन फुटेज और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हुड़दंगियों की पहचान की जा रही है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

 

होली के इस जुलूस में जिस तरह से पुलिस और सुरक्षाबलों पर हमला किया गया, वह कहीं न कहीं शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और आने वाले सालों में ऐसे हालात दोबारा न हों, इसके लिए क्या रणनीति बनाई जाती है।

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