पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक का बड़ा खुलासा: भारत पर आरोप, लेकिन असली कहानी कुछ और?
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैक की घटना ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। इस हमले में 450 से अधिक यात्रियों की जान खतरे में पड़ी, जबकि 58 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। लेकिन इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान ने अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए एक नया आरोप भारत पर मढ़ दिया।
हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। लेकिन पाकिस्तानी सेना अब भी अपने बयान से पीछे हटने को तैयार नहीं है और लगातार भारत पर हमले को लेकर बिना सबूत आरोप लगा रही है।
पाकिस्तानी सेना ने भारत पर मढ़ा ठीकरा
शुक्रवार (14 मार्च) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता डीजी आईएसपीआर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बयान देते हुए कहा कि,
> “बलूचिस्तान में हुई आतंकी घटना के तार पड़ोसी देश (भारत) से जुड़े हैं। जो कुछ भी यहां हो रहा है, वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।”
उन्होंने दावा किया कि आतंकियों को भारत से तश्गीलें मिल रही हैं और इसमें अफगानिस्तान के लोग भी शामिल हैं। पाकिस्तानी सेना ने भारत पर प्रोपेगेंडा फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि भारतीय मीडिया झूठी खबरें और वीडियो चला रहा है।
भारत को बताया ‘आतंकवाद का प्रयोजक’
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि बलूचिस्तान में हुई इस घटना के पीछे भारत का हाथ है।
डीजी आईएसपीआर ने कहा,
> “बलूचिस्तान में इससे पहले जो आतंकी घटनाएं हुई हैं, हम यह मानते हैं कि इसके पीछे हमारा पड़ोसी मुल्क (भारत) है। भारत आतंकवाद का स्पॉन्सर है और यह पूरी घटना उसकी ही साजिश का हिस्सा है।”
यही नहीं, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने भी गुरुवार को बयान दिया था कि भारत पाकिस्तान में आतंकवाद को प्रायोजित करता है और यही वजह है कि बलूचिस्तान में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं।
भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार
भारत ने पाकिस्तान के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कड़ी प्रतिक्रिया दी।
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि,
> “पूरी दुनिया जानती है कि ग्लोबल आतंकवाद का असली केंद्र कहां है। पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं और नाकामियों के लिए दूसरों पर दोष मढ़ने की बजाय अपने अंदर झांकना चाहिए।”
MEA ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने देश में पनप रहे आतंकी संगठनों को रोकने में नाकाम रहा है और अब अपनी कमजोरी छिपाने के लिए भारत को बलि का बकरा बना रहा है।
कैसे हुआ ट्रेन हाईजैक?
यह पूरी घटना 11 मार्च को हुई, जब क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस पर बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के आतंकियों ने हमला कर दिया।
हमले का पूरा घटनाक्रम:
जब ट्रेन बलोन पहाड़ी क्षेत्र से गुजर रही थी, उसी दौरान BLA के हथियारबंद आतंकियों ने इसे घेर लिया।
आतंकियों ने टनल के अंदर ट्रेन को हाईजैक कर लिया और फायरिंग शुरू कर दी।
इस हमले में 450 से ज्यादा यात्री फंस गए।
हमले में 21 यात्रियों, 4 सैनिकों और 33 BLA आतंकियों की मौत हुई।
ट्रेन के ड्राइवर को बंधक बना लिया गया और यात्रियों को कई घंटों तक डर के साए में रखा गया।
पाकिस्तान अपनी नाकामी छिपा रहा?
बलूचिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के लिए सबसे अशांत प्रांत बना हुआ है। यहां BLA जैसे अलगाववादी संगठन पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं और आए दिन सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं।
लेकिन, पाकिस्तान अपने देश के अंदरूनी हालात पर नियंत्रण पाने के बजाय हर बार भारत पर आरोप लगाने की नीति अपनाता है।
क्या यह महज एक राजनीतिक खेल है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत को दोष दे रहा है।
बलूचिस्तान में सेना और सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने के लिए पाकिस्तान आतंकी घटनाओं को भारत से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले भी पाकिस्तान ने पुलवामा हमले के बाद भारत पर झूठे आरोप लगाए थे, लेकिन कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की साख गिर रही है, इसलिए वह हर बार भारत को बदनाम करने की चाल चल रहा है।
क्या बलूचिस्तान पाकिस्तान के हाथ से निकल रहा है?
बलूचिस्तान में अलगाववाद की आग तेजी से बढ़ रही है। BLA जैसे संगठन पाकिस्तान के खिलाफ हथियार उठा चुके हैं और वहां की जनता भी सरकार से नाराज है।
इस हाईजैक की घटना ने दिखा दिया है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा को लेकर कितना लाचार है। अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान बलूचिस्तान पर अपनी पकड़ खो रहा है?
या फिर यह सि
र्फ एक और घटना है, जिसे छिपाने के लिए पाकिस्तान भारत को बेवजह दोष दे रहा है?
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